facebookmetapixel
Advertisement
किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी: पीएम मोदी ने जारी की PM-Kisan की 23वीं किस्त, ऐसे चेक करें स्टेटसकेंद्र सरकार ने 16 FDC दवाओं पर लगाया परमानेंट बैन, कई स्किन क्रीम और एंटीबायोटिक भी लिस्ट मेंसावधान! ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड का हुए शिकार तो तुरंत करें ये काम, वरना डूब जाएगा पूरा पैसा; जानें RBI के नियमDividend Stocks: टाटा पावर और LIC समेत ये 31 कंपनियां अगले हफ्ते बांटेंगी मुनाफा, देखें पूरी लिस्टट्रंप ने की पीएम मोदी की जमकर तारीफ, बोले: 150 करोड़ लोगों का यह नेता है असली ‘टफ कुकी’NEET UG 2026: नागपुर के छात्र को मिला अबू धाबी का परीक्षा केंद्र, NTA की लापरवाही से परिवार परेशानBonus Stocks Alert: अगले हफ्ते इन 2 कंपनियों के निवेशकों की चमकेगी किस्मत, मिलेंगे मुफ्त में शेयरOMC को भारी चपत: तेल कंपनियों को लगा ₹22,000 करोड़ का बड़ा झटका, बाजार से कम दाम पर बेची रसोई गैसCrude Oil Import: पश्चिम एशिया संकट की भारी चपत, बराबर तेल खरीदने के बाद भी 81.5% बढ़ा भारत का खर्चRBI Regulatory Action: विदेश से जुटाई उधारी की रोज देनी होगी जानकारी, RBI ने बैंकों को दिया कड़ा निर्देश

रोजगार सृजन 21 माह के निचले स्तर पर

Advertisement
Last Updated- April 21, 2023 | 12:11 AM IST
Employment in India

नई औपचारिक नौकरियों का सृजन फरवरी महीने में लगातार तीसरे महीने घटकर 21 माह के निचले स्तर पर पहुंच गया है। इससे रोजगार के बाजार पर दबाव के संकेत मिलते हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की ओर से गुरुवार को जारी ताजा पेरोल आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।

कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) में नए मासिक सबस्क्राइबरों की संख्या पिछले महीने की तुलना में फरवरी में 10 प्रतिशत घटकर 7,38,052 हो गई है, जो जनवरी में 8,19,659 थी।

मई 2021 के बाद ईपीएफ में शामिल होने वाले नए सबस्क्राइबरों की यह सबसे कम संख्या है, जब इस फंड से सिर्फ 6,49,618 नए सबस्क्राइबर जुड़े थे। इसके पहले वित्त वर्ष 23 में नए मासिक सबस्क्राइबरों की संख्या अप्रैल से सितंबर तक लगातार 6 महीने 10 लाख से ऊपर बनी रही और जुलाई 2022 में संख्या 11,68,266 पर पहुंच गई थी।

बहरहाल शुद्ध पेरोल के आंकड़े, जिसमें नए सबस्क्राइबरों, इससे बाहर जाने वालों और पुराने सबस्क्राइबरों के वापस आने के आंकड़े होते हैं, में पिछले महीने की तुलना में 7.5 प्रतिशत वृद्धि हुई है और जनवरी के 12.9 लाख की तुलना में फरवरी में यह संख्या 13.9 लाख रही है। बहरहाल शुद्ध मासिक पेरोल की संख्या अनंतिम प्रकृति के होते हैं।

Advertisement
First Published - April 21, 2023 | 12:11 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement