facebookmetapixel
Health Insurance: हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय अधिकतर लोग क्या गलती करते हैं?दिल्ली की हवा इतनी खराब कैसे हुई? स्टडी में दावा: राजधानी के 65% प्रदूषण के लिए NCR व दूसरे राज्य जिम्मेदारExplainer: 50 शहरों में हिंसा, खामेनेई की धमकी और ट्रंप की चेतावनी…ईरान में आखिर हो क्या रहा है?Credit Card Tips: बिल टाइम पर चुकाया, फिर भी गिरा CIBIL? ये है चुपचाप स्कोर घटाने वाला नंबर!आस्था का महासैलाब: पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ शुरू हुआ माघ मेला, 19 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी2026 में हिल सकती है वैश्विक अर्थव्यवस्था, एक झटका बदल देगा सब कुछ…रॉबर्ट कियोसाकी ने फिर चेतायाKotak Mahindra Bank का निवेशकों को जबरदस्त तोहफा: 1:5 में होगा स्टॉक स्प्लिट, रिकॉर्ड डेट फिक्सकनाडा ने एयर इंडिया को दी कड़ी चेतावनी, नियम तोड़ने पर उड़ान दस्तावेज रद्द हो सकते हैंट्रंप का दावा: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी गिरफ्त में; हवाई हमलों की भी पुष्टि कीHome Loan: होम लोन लेने से पहले ये गलतियां न करें, वरना एप्लीकेशन हो सकती है रिजेक्ट

निवेश और खपत ने पकड़ी रफ्तार

इस तिमाही में पूंजीगत निवेश को निजी क्षेत्र के पूंजीगत व्यय और घरेलू व्यय ने बढ़ाया दिया।

Last Updated- August 31, 2024 | 12:19 AM IST
Budget 2024, VCC: Government will attract foreign investors through variable capital companies Budget 2024, VCC: वेरिएबल कैपिटल कंपनियों के जरिए विदेशी निवेशकों को आकर्षित करेगी सरकार

वित्त वर्ष 25 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में पूंजीगत निवेश में 7.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि इससे पिछली तिमाही में 6.46 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। इस तिमाही में पूंजीगत निवेश को निजी क्षेत्र के पूंजीगत व्यय और घरेलू व्यय ने बढ़ाया दिया।

वित्त वर्ष 25 की पहली तिमाही में आधारभूत ढांचे का प्रॉक्सी सकल निश्चित पूंजी निर्माण (जीएफसीएफ) का योगदान 31.3 प्रतिशत था जबकि यह पिछली तिमाही में 31.4 प्रतिशत था। आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए 30 प्रतिशत से अधिक निवेश को महत्त्वपूर्ण माना जाता है।

आम चुनाव के कारण केंद्र सरकार के पूंजीगत व्यय में गिरावट आने के बावजूद जीडीपी में जीएससीएफ की हिस्सेदारी बढ़ी है। लेखा महानियंत्रक (सीजीए) से प्राप्त आंकड़ों से जानकारी मिलती है कि केंद्र सरकार का पहली तिमाही में पूंजीगत व्यय 1.8 लाख करोड़ रुपये था जबकि यह बीते साल की इस अवधि में 2.7 लाख करोड़ रुपये था।

इस तिमाही में बीते साल की इसी तिमाही की तुलना में केंद्र के पूंजीगत व्यय में करीब 33 प्रतिशत की गिरावट आई। केयर रेटिंग्स की मुख्य अर्थशास्त्री रजनी सिन्हा ने कहा कि प्रथम तिमाही में केंद्र का पूंजीगत व्यय घटने के बावजूद कुल जीएफसीएफ में जबरदस्त वृद्धि उजागर हुई।

First Published - August 30, 2024 | 11:36 PM IST

संबंधित पोस्ट