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बुनियादी ढांचा: तेल पर फिसला और बिजली गिरी

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Last Updated- December 07, 2022 | 6:40 AM IST

चालू वित्त वर्ष के पहले महीने में प्रमुख उद्योगों की वृद्धि दर गिरकर 3.6 प्रतिशत रह गई है। इसकी प्रमुख वजह रही ऊर्जा और पेट्रोलियम रिफाइनरी क्षेत्रों का खराब प्रदर्शन।


छह प्रमुख बुनियादी ढांचा उद्योगों- कच्चा तेल, रिफाइनरी उत्पाद, कोयला, बिजली, सीमेंट और स्टील क्षेत्र की वृद्धि दर में पिछले महीने के मुकाबले भारी गिरावट आई है। मार्च 2008 में इन छह क्षेत्रों ने 9.6 फीसदी की वृध्दि दर्ज की थी, जबकि अप्रैल 2007 में बुनियादी ढांचा उद्योगों की विकास दर 5.9 प्रतिशत रही थी।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और तेल आयात बिल बढ़ने की वजह से अप्रैल 2008 में पेट्रोलियम रिफाइनरी क्षेत्र का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और इस क्षेत्र की वृध्दि दर मात्र 4.3 प्रतिशत रही, जबकि अप्रैल 2007 में 15.1 फीसदी थी। बिजली उत्पादन क्षेत्र में भी गिरावट दर्ज की गई और यह महज 1.4 फीसदी पर सिमट गई, जबकि अप्रैल 2007 में इसकी वृद्धि दर 8.7 प्रतिशत थी।

कच्चे तेल की वृध्दि दर गिरकर 0.9 प्रतिशत रह गई, जो पहले 1.4 प्रतिशत थी। शेष तीन क्षेत्रों कोयला, सीमेंट और स्टील ने औद्योगिक विकास दर को थोड़ा सहारा दिया। इस दौरान कोयला उत्पादन 10.3 प्रतिशत, बढ़ा जबकि पूर्व वर्ष की समान अवधि में यह केवल 0.6 प्रतिशत था। सीमेंट उत्पादन में 6.9 फीसदी का इजाफा हुआ, जबकि अप्रैल 2007 में यह 5.8 फीसदी था।

स्टील क्षेत्र की वृद्धि दर पिछले साल की समान अवधि में 2.7 थी, जो अप्रैल 2008 में बढ़कर 4 प्रतिशत हो गई है। औद्योगिक विकास दर में एक चौथाई हिस्सा इन छह प्रमुख उद्योगों का है।

मंद हुई बयार

अप्रैल में बुनियादी ढांचा क्षेत्रों की वृद्धि दर 3.6 फीसदी रही
मार्च में इसकी वृद्धि दर थी 9.6 फीसदी
बिजली और रिफाइनरी सेक्टर ने किया खराब प्रदर्शन

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First Published - June 19, 2008 | 12:17 AM IST

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