facebookmetapixel
Advertisement
ओडिशा में बनेगा देश का पहला AI-ऑप्टिमाइज्ड डेटा सेंटर, HCLTech करेगी ₹14,257 करोड़ का निवेशबंगाल को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था से जोड़ना होगा, केंद्र के साथ तालमेल और निवेश पर रहेगा हमारा जोर: स्वप्न दासगुप्ताजून में सुस्त IPO के बावजूद ऋण प्रतिभूतियों ने रचा इतिहास, जुटाई ₹3.15 लाख करोड़ की रिकॉर्ड रकमपेपर लीक के खिलाफ कानून में संशोधन को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी, सोमवार को संसद में पेश होगा विधेयकभारी बारिश और बाढ़ का कहर: गुजरात में सेना ने संभाला मोर्चा, असम-महाराष्ट्र में भी हालात गंभीरचार साल के निचले स्तर पर पहुंची निजी कारोबारी गतिविधियां, महंगाई और पश्चिम एशिया तनाव से सुस्त पड़ी रफ्तारफ्रंट-रनिंग मामले में ऐक्सिस MF के पूर्व डीलर वीरेश जोशी पर 7 साल का प्रतिबंध, 3 करोड़ का जुर्माना भीरसायन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार का बड़ा कदम, 3,030 करोड़ रुपये की ‘भव्य-रसायन’ योजना मंजूरCBDT को वित्त मंत्री की सख्त हिदायत, कहा: अभी भी 5.4 लाख अपीलें लंबित, मुकदमेबाजी रणनीति की करें समीक्षाUS Tariff on India: अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर लगाया 10% टैरिफ, धारा 301 के तहत हुई कार्रवाई

तप कर भी निखरा उद्योग

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 5:05 AM IST

खनन क्षेत्र के अच्छे प्रदर्शन की वजह से विनिर्माण क्षेत्र में चल रही मंदी के बावजूद अप्रैल माह में कुल औद्योगिक विकास 7 फीसदी पहुंच गया, जबकि मार्च 2008 में विकास दर महज 3 फीसदी थी, जो पिछले छह साल से सबसे कम थी।


हालांकि पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में गिरावट दर्ज की गई है। अप्रैल 2007 के दौरान औद्योगिक विकास दर 11.3 फीसदी रही थी। मुद्रास्फीति के बढ़ते दबाव और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका के बावजूद कुछ क्षेत्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया, जिससे औद्योगिक विकास दर को सहारा मिला।

इनमें खनन, एफएमसीजी, पूंजीगत वस्तुओं का प्रमुख स्थान है। हालांकि ऊर्जा, विनिर्माण आदि क्षेत्रों में अपेक्षित वृद्धि नहीं दर्ज की जा सकी। विनिर्माण क्षेत्र में अप्रैल 2008 में 7.5 फीसदी विकास दर्ज की गई, जबकि पिछले साल की समीक्षाधीन अवधि में यह 12.4 फीसदी थी।

ऊर्जा उत्पादन में इस बार भारी गिरावट आई है। अप्रैल 2007 में यह 8.7 फीसदी थी, जो इस बार घटकर 1.4 फीसदी रह गई है। वैसे औद्योगिक विकास दर को खनन क्षेत्र ने बहुत सहारा दिया। पिछले साल की समीक्षाधीन अवधि में इसमें 2.6 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई थी, जो इस साल बढ़कर 8.6 फीसदी पहुंच गई।

एफएमसीजी क्षेत्रों में भी अप्रैल 2008 में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 5.5 फीसदी पहुंच गई, जबकि 2007 की समान अवधि में यह 2.4 फीसदी ही थी। हालांकि आधार उत्पादों की वृध्दि दर घटकर 4.6 फीसदी रह गई, जो पिछले साल के अप्रैल के महीने में 8. 6 फीसदी थी।

मार्च के मुकाबले आईआईपी हुई लगभग दोगुनी
पिछले अप्रैल के मुकाबले रही काफी कम

अप्रैल 2008 में औद्योगिक विकास दर 7 फीसदी, जबकि मार्च में यह 3 फीसदी ही थी

क्षेत्र                 अप्रैल 2008                     अप्रैल 2007
खनन               8.6 फीसदी                      2.6 फीसदी
विनिर्माण         7.5 फीसदी                     12.4 फीसदी
ऊर्जा               1.4 फीसदी                       8.7 फीसदी
एफएमसीजी     5.5 फीसदी                       2.4 फीसदी

Advertisement
First Published - June 13, 2008 | 12:02 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement