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कुछ देशों को नहीं भा रही भारत की बढ़ती ताकत: रक्षा मंत्री राजनाथ

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि साल 2014 में धन दौलत के आकार (अर्थव्यवस्था) के मामले में भारत 11वें स्थान पर था। आज दुनिया के शीर्ष चार देशों में आ गया है।

Last Updated- August 11, 2025 | 10:01 AM IST
Rajnath Singh
फाइल फोटो

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा भारत से आयात पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने पर जारी विवाद के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि भारत दुनिया की सबसे ‘दबंग और गतिशील’ अर्थव्यवस्था है। ‘सबके बॉस तो हम हैं’ का भाव रखने वाले कुछ देशों को यह रास नहीं आ रहा है। मध्य प्रदेश के रायसेन में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) की रेल कोच इकाई का भूमि पूजन करने के बाद राजनाथ ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि भारत जितनी तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है, दुनिया की कोई ताकत उसे विश्व की बड़ी शक्ति बनने से नहीं रोक सकती।

उन्होंने कहा, ‘साल 2014 में धन दौलत के आकार (अर्थव्यवस्था) के मामले में भारत 11वें स्थान पर था। आज दुनिया के शीर्ष चार देशों में आ गया है। तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था अगर किसी देश की है तो वह हम हैं।’ रक्षा मंत्री ने कहा, ‘डैशिंग यानी दबंग और डायनामिक यानी गतिशील अर्थव्यवस्था किसी देश की है तो वह भारत की है।’ उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि लेकिन ‘कुछ लोगों’ को भारत का तेजी से विकास रास नहीं आ रहा है, उन्हें अच्छा नहीं लग रहा है। उन्होंने कहा, ‘वे सोचते हैं कि सबके बॉस तो हम हैं और भारत कैसे इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा है? बहुत से देश ऐसा करने की कोशिश कर रहे हैं कि भारत में तैयार चीजें उनके देश में बनी चीजों से महंगी हो जाएं ताकि दुनिया के लोग उन्हें खरीद नहीं पाएं।

राजनाथ सिंह ने कहा कि पहले रक्षा उत्पादन से जुड़ी चीजें विदेशों में बनाई जाती थीं और भारत उनसे खरीदता था। उन्होंने कहा, ‘लेकिन आज इनमें से बहुत सारी चीजें न केवल भारत की धरती पर बल्कि भारतवासियों के हाथों से बन रही हैं। हम न केवल अपनी आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं बल्कि दुनिया को भी निर्यात कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी जब देश के प्रधानमंत्री बने थे उस समय केवल 600 करोड़ रुपये के भारत के रक्षा उत्पाद दुनिया के दूसरे देशों में निर्यात होते थे। उन्होंने कहा, ‘अब हम 24,000 करोड़ से ज्यादा के रक्षा उत्पाद अन्य देशों को बेच रहे हैं। यह नए भारत का नया रक्षा क्षेत्र है।’रेल कोच इकाई का उल्लेख करते हुए सिंह ने कहा कि यह रायसेन और विदिशा क्षेत्र के लिए सौगात है।

First Published - August 11, 2025 | 9:58 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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