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Core Sector Growth: जुलाई में 8 प्रमुख उद्योगों की ग्रोथ 3% पर स्थिर, स्टील-सीमेंट ने संभाला मोर्चा

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में बुनियादी ढांचे से जुड़े उद्योगों का प्रदर्शन बेहतर रहा। हालांकि ऊर्जा क्षेत्र की वृद्धि ऋणात्मक रही।

Last Updated- August 21, 2025 | 9:22 AM IST
Core Sector Growth

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी प्रमुख क्षेत्र के आंकड़ों के मुताबिक बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्रों का प्रदर्शन बेहतर रहा है, जबकि ऊर्जा से जुड़े क्षेत्रों की वृद्धि दर कम या ऋणात्मक रही है। कुल मिलाकर भारत के 8 प्रमुख बुनियादी ढांचा उद्योगों की वृद्धि दर जुलाई में स्थिर बनी रही। जुलाई में वृद्धि दर 3 प्रतिशत रही है, जबकि जून में वृद्धि के संशोधित आंकड़े 2.2 प्रतिशत रहे हैं। ज्यादा आधार के असर और कोयले के उत्पादन में गिरावट के कारण ऐसा हुआ है।

चालू वित्त वर्ष के पहले 4 महीने (अप्रैल से जुलाई) के दौरान वृद्धि 1.6 प्रतिशत रही है, जो पिछले साल की समान अवधि में 6.3 प्रतिशत थी। जुलाई 2024 में प्रमुख उद्योगों का सूचकांक (आईसीआई) 6.3 प्रतिशत बढ़ा था। आंकड़ों से पता चलता है कि जुलाई कोयले का उत्पादन गिरा (-12.3 प्रतिशत) है, जो जून 2020 के बाद का सबसे निचला स्तर है। बहरहाल कच्चे तेल (-1.3 प्रतिशत) का उत्पादन लगातार सातवें महीने संकुचन के क्षेत्र में है। वहीं रिफाइनरी उत्पादों (-1 प्रतिशत) का उत्पादन 3 महीनों में पहली बार ऋणात्मक क्षेत्र में पहुंचा है।

बहरहाल तेज सरकारी खर्च के कारण स्टील (12.8 प्रतिशत) और सीमेंट (11.7 प्रतिशत) का उत्पादन क्रमशः 21 महीने और 4 महीने के उच्च स्तर पर रहा। इंडिया रेटिंग्स में एसोसिएट डायरेक्टर पारस जसराय ने कहा, ‘सिर्फ दो क्षेत्रों सीमेंट और स्टील की सालाना वृद्धि दर जुलाई में प्रमुख क्षेत्र की वृद्धि दर से ज्यादा रही है। इस पर सरकार के पूंजीगत व्यय का असर साफ नजर आ रहा है। इन क्षेत्रों की वृद्धि में सुधार ने प्रमुख क्षेत्र की गिरावट को थामा है।’

उर्वरक और बिजली क्षेत्र की वृद्धि दर भी सुधरकर जुलाई 2025 में क्रमशः 4 महीने के उच्च स्तर 2 प्रतिशत और 3 महीने के उच्च स्तर 0.5 प्रतिशत पर पहुंच गई। बैंक ऑफ बड़ौदा में मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा कि जुलाई में प्रमुख क्षेत्र के आंकड़े फिर दोहरे हैं और बुनियादी ढांचे से जुड़े उद्योगों का प्रदर्शन बेहतर है, जबकि ऊर्जा से जुड़े उद्योगों में ऋणात्मक वृद्धि दर्ज की गई है।

First Published - August 21, 2025 | 9:22 AM IST

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