facebookmetapixel
EU ट्रेड डील से तिरुपुर को बड़ी राहत, परिधान निर्यात में बांग्लादेश से आगे निकलने की उम्मीदजमा वृद्धि की सुस्ती से बैंक सीडी बाजार पर ज्यादा निर्भर, जुटाए 5.75 लाख करोड़ रुपयेड्रोन, रोबोट्स, रॉकेट लॉन्चर से लेकर हाइपरसोनिक मिसाइल तक, गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सेना की नई ताकतAxis Bank Q3 Results: मुनाफा बढ़कर ₹6,490 करोड़ पर पहुंचा, आय में 4.3% की बढ़ोतरीभारत की मिड-मार्केट कंपनियों के लिए प्राइवेट लोन बन रहा फंडिंग का मुख्य विकल्प: रोहित गुलाटीसोने ने रचा इतिहास: 5,000 डॉलर के पार पहुंची कीमत; वैश्विक तनाव के चलते निवेशकों का बढ़ा भरोसाघरेलू मांग पर बड़ा दांव: JSW Steel का FY31 तक ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा निवेश का प्लानRepublic Day 2026: गणतंत्र दिवस परेड में असम की झांकी में अशारिकांडी की टेराकोटा शिल्प परंपरा की झलक Republic Day 2026: प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय समर स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की Republic Day 2026 Live Updates: वंदे मातरम् और ऑपरेशन सिंदूर की गूंज, 97 मिनट की परेड… दुनिया ने देखी भारत की शक्ति

भारत-पाक तनाव का असर: सीमावर्ती राज्यों में FMCG में दिखी तेजी, वाहन बिक्री धड़ाम

भारत-पाक तनाव के कारण सीमावर्ती राज्यों में मई में FMCG की बिक्री बढ़ी जबकि वाहनों की बिक्री में गिरावट आई, जिससे उपभोक्ता व्यवहार और बाजार की स्थिति प्रभावित हुई।

Last Updated- June 08, 2025 | 10:12 PM IST
FMCG
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

मई में राजस्थान, पंजाब, गुजरात और जम्मू-कश्मीर जैसे सीमावर्ती राज्यों में दैनिक उपभोक्ता वस्तुओं (एफएमसीजी) की बिक्री में तेजी आई। लेकिन वाहन क्षेत्र में गिरावट दर्ज की गई। भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध के डर की वजह से उपभोक्ताओं का व्यवहार बदलने से ऐसा हुआ। उद्योग के उपलब्ध आंकड़ों और विशेषज्ञों ने यह बात कही। 

डर की वजह से खरीदारी बढ़ने के कारण एफएमसीजी श्रेणी में 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई। लेकिन इन राज्यों में वाहनों की बिक्री को काफी तेज झटका लगा। बाजार की अग्रणी मारुति सुजूकी पर सबसे ज्यादा असर पड़ा। इस महीने के दौरान सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या में भी 50 प्रतिशत की कमी जबकि पेट्रोल पंपों की बिक्री में भी गिरावट आई। हालांकि फार्मास्युटिकल क्षेत्र में बिक्री लगभग स्थिर रही।

अलबत्ता सूत्रों ने बताया कि पहलगाम के आतंकवादी हमले से लेकर सैन्य कार्रवाई रुकने तक की अवधि यानी 22 अप्रैल से 10 मई के बीच इन राज्यों में तनाव बढ़ा लेकिन लॉजि​स्टिक में व्यवधान के बावजूद उपरोक्त क्षेत्रों में से किसी में भी आपूर्ति संबंधी चिंताएं नहीं हुईं।

एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस (जो पहले अदाणी विल्मर था) के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी अंशु मलिक ने कहा, ‘ऐसे तनावपूर्ण समय में लोगों को यह चिंता होती है कि वे अपनी रोजमर्रा की जरूरत की चीजें जुटा भी पाएंगे या नहीं। वे आम तौर पर तेल, आटा, चीनी जैसी रोजाना की जरूरत की चीजों का स्टॉक करते हैं। हमने सीमा के करीब वाले कस्बों में इन वस्तुओं की खरीदारी में तेजी देखी। हमने 8 से 10 प्रतिशत की वृद्धि देखी, जो स्थिति सामान्य होने के बाद इन उत्पादों की खरीदारी को प्रभावित करती है।’

अपने बिस्कुटों के लिए प्रसिद्ध पारले प्रोडक्ट्स की बिक्री में यह 15 से 20 प्रतिशत की तेजी वाला सप्ताह रहा। कंपनी के सूत्र ने कहा, ‘उपभोक्ताओं ने ऑपरेशन सिंदूर वाले सप्ताह के दौरान अचानक ज्यादा खरीदारी की जो बाद में सामान्य हो गई।’

श्रीराम मोबिलिटी की रिपोर्ट के अनुसार भारत-पाकिस्तान सीमा के पास वाले कुछ क्षेत्रों में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान रात के समय ब्लैकआउट के कारण माल ढुलाई में व्यवधान हुआ था, जिससे अस्थायी रूप से लॉजि​स्टिक संचालन रुक गया।

सीमावर्ती राज्यों में वाहनों की बिक्री और भाड़े पर भी असर पड़ा। जम्मू और कश्मीर में कारों की बिक्री में मासिक आधार पर 21 प्रतिशत तक की गिरावट आई। राजस्थान में 18 प्रतिशत और गुजरात में 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। श्रीराम की रिपोर्ट में कहा गया है कि गुजरात में मैक्सी कैब में 43 प्रतिशत तक, जम्मू कश्मीर में 50 प्रतिशत तक और राजस्थान में 20 प्रतिशत की गिरावट आई।

श्रीराम फाइनैंस के मुख्य कार्य अधिकारी और प्रबंध निदेशक वाईएस चक्रवर्ती ने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर की वजह से सीमावर्ती राज्यों में माल की आवाजाही और वाहनों की बिक्री दोनों ही लिहाज से कारोबारी गतिविधियों में कुछ रुकावट आई। लेकिन फिर यह सामान्य हो गई है।’

First Published - June 8, 2025 | 10:12 PM IST

संबंधित पोस्ट