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चीन में नयी महामारी के बीच भारत के पास खुद को ‘मैन्युफैक्चरिंग हब’ के रूप में स्थापित करने का मौका: रिपोर्ट

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत मोबाइल फोन और लैपटॉप जैसे क्षेत्रों में अपने वर्कफोर्स और मेन्युफेक्चरिंग क्षमता का लाभ उठा सकता है।

Last Updated- November 27, 2023 | 7:58 PM IST
Ramkrishna Forgings acquires Multitech Auto, Mal Metalliks for Rs 205 cr

चीन में श्वसन संबंधी महामारी फैलने के बीच भारत अपनी आपूर्ति-श्रृंखला क्षमताओं को बढ़ाकर और स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे में निवेश कर खुद को वैश्विक ‘मैन्युफैक्चरिंग हब’ के तौर पर स्थापित कर सकता है। एक रिपोर्ट में यह कहा गया है।

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत मोबाइल फोन और लैपटॉप जैसे क्षेत्रों में अपने कार्यबल और विनिर्माण क्षमता का लाभ उठा सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, चीन में मानव-पशु संपर्क के कारण कई संक्रमण फैले हैं। इनमें 2019 में कोविड-19, 2013 में एच7एन9 बर्ड फ्लू, 2014 में एच5एन6 बर्ड फ्लू और 2021 में एच10एन3 बर्ड फ्लू शामिल हैं।

हालांकि, इन संक्रमणें के अलग-अलग प्रभाव थे, लेकिन कोविड-19 विशेष रूप से एक वैश्विक महामारी में बदल गया। ये महामारियां, विशेष रूप से कोविड-19 ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं और विनिर्माण के लिए चीन पर निर्भरता के फिर से मूल्यांकन को प्रेरित किया है।

कंपनियां जोखिमों को कम करने के लिए आपूर्ति स्रोतों में विविधता लाने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।

जीटीआरआई के सह-संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, “भारत अपनी आपूर्ति श्रृंखला क्षमताओं को बढ़ाकर और अस्पतालों के बुनियादी ढांचे में निवेश करके लाभ उठाने की स्थिति में है।”

रिपोर्ट में कहा गया है कि इसी साल मध्य अक्टूबर से चीन के उत्तरी भाग में बच्चों में श्वसन संबंधी बीमारी बढ़ रही है, जो कोविड-19 प्रतिबंध हटने और ठंड के मौसम की शुरुआत से जुड़ी है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने 26 नवंबर को एक बयान में कहा है कि भारत सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सरकार ने संकेत दिया कि फिलहाल खतरे की कोई जरूरत नहीं है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन 90 प्रतिशत से अधिक लैपटॉप की आपूर्ति करता है और अधिकतर उकपरणों का उत्पादन घर में ही करता है। यही बात वॉशिंग मशीन, सोलर पीवी सेल और इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बैटरी पर भी लागू होती है।

इसमें कहा गया, “किसी भी कारण से आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होती है तो पूरी दुनिया प्रभावित होगी। कोविड ने दवाई के मामले में यह बता दिया था। इस मामले में, मोबाइल फोन और लैपटॉप की दुनियाभर में आपूर्ति के लिए इनके स्थानीय विनिर्माण के भारत के प्रयास का स्वागत किया जाना चाहिए।”

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अपनी आपूर्ति श्रृंखला क्षमताओं को बढ़ाकर विविधीकरण की प्रवृत्ति का लाभ उठा सकता है।

First Published - November 27, 2023 | 7:58 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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