facebookmetapixel
Advertisement
क्या चावल निर्यात कर भारत बेच रहा है अपना पानी? BS ‘मंथन’ में एक्सपर्ट्स ने उठाए गंभीर सवालBS Manthan में बोले एक्सपर्ट्स: निर्यात प्रतिबंध-नीतिगत अनिश्चितता से कृषि को चोट, स्थिरता की जरूरतसुमंत सिन्हा का दावा: सिर्फ क्लाइमेट चेंज नहीं, अब ‘जियोपॉलिटिक्स’ बढ़ाएगी भारत में क्लीन एनर्जी की रफ्तारBS Manthan में बोले जोशी: अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में 2030 तक $350 अरब के निवेश से रोशन होगा भारतइक्विटी SIP निवेश में गिरावट, अस्थिर बाजार के बीच निवेशकों का रुझान बदलाशेखर कपूर की भविष्यवाणी: अब निर्देशक नहीं, दर्शक और AI मिलकर लिखेंगे फिल्मों की कहानी‘EV सेक्टर में आएगा बड़ा उछाल’, BS ‘मंथन’ में एक्सपर्ट्स ने कहा: चुनौतियों के बावजूद रफ्तार है बरकरारBS Manthan 2026: R&D को प्रोत्साहन से एडवांस व महंगी वस्तुओं के विनिर्माण को मिलेगा बढ़ावा‘रणनीतिक स्वायत्तता के लिए सैन्य ताकत बढ़ाना जरूरी’, बिज़नेस स्टैंडर्ड ‘मंथन’ में एक्सपर्ट्स ने ऐसा क्यों कहा?AI संप्रभुता पर जोर: BS Manthan समिट में एक्सपर्ट्स ने स्वदेशी मॉडल और डेटा नियंत्रण को बताया जरूरी

सेवा क्षेत्र में वृद्धि दो साल के निचले स्तर पर पहुंची

Advertisement

एक निजी सर्वेक्षण के बुधवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में मांग में नरमी आई है, लेकिन यह मजबूत बनी हुई है।

Last Updated- February 05, 2025 | 11:18 PM IST
Office

भारत में दबदबे वाले सेवा क्षेत्र की वृद्धि जनवरी में दो साल से अ​धिक के निचले स्तर पर पहुंच गई। एक निजी सर्वेक्षण के बुधवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में मांग में नरमी आई है, लेकिन यह मजबूत बनी हुई है और इसके कारण नियुक्तियों में पर्याप्त वृद्धि हुई है। 

एचएसबीसी का फाइनल इंडिया सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) जनवरी में गिरकर 56.5 पर आ गया, जबकि यह दिसंबर में 59.3 था। सेवा पीएमआई के आंकड़ों का संकलन एसऐंडपी ग्लोबल ने किया। जनवरी का प्राथमिक सूचकांक 56.8  था। इस सूचकांक में 50 से ऊपर का स्तर बढ़त को ही दिखाता है। यह सूचकांक लगातार 42वें महीने तटस्थ स्तर 50 से ऊपर रहा। 

सर्वे के अनुसार, ‘कुल मिलाकर नए कारोबार में वृद्धि कायम रही लेकिन वृद्धि दर 14 महीने में   सबसे सुस्त रही। यह वृद्धि मजबूत मांग और प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर दाम पर सेवाएं मुहैया कराने के फैसले के कारण हुई।’ 

एचएसबीसी में भारत की मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने बताया, ‘कारोबारी गतिविधि और नए कारोबार पीएमआई सूचकांक नवंबर, 2022 और नवंबर, 2023 के बाद क्रमश: सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए।’

उन्होंने बताया, ‘गिरावट के रुझान को नए निर्यात व्यापार ने आंशिक रूप से रोका और नया निर्यात व्यापार वर्ष 2024 के अंत में गिरावट के बाद फिर बढ़ता गया। नया निर्यात व्यापार आधिकारिक आंकड़ों के अनुरूप है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत का सेवा निर्यात दिसंबर में बेहतर हुआ और इसने वैश्विक व्यापार में अधिक हिस्सेदारी हासिल की थी।’

सर्वे के प्रतिभागियों ने एशिया, यूरोप, पश्चिम एशिया और अमेरिका के अपने ग्राहकों से लाभ अर्जित किया। लिहाजा अंतरराष्ट्रीय बिक्री में तेजी से इजाफा दर्ज हुआ। जनवरी में अंतरराष्ट्रीय मांग पांच माह के उच्च स्तर पर पहुंच गई।

सर्वे के अनुसार नया व्यापार बढ़ने और क्षमता पर दबाव बढ़ने के कारण सेवा प्रदाताओं को इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही की शुरुआत में अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती करनी पड़ी। सर्वे के अनुसार, ‘भर्ती के इस दौर में पूर्णकालिक और अस्थायी रिक्तियों को भरा गया था। नौकरियों के सृजन की दर में दिसंबर  के बाद से तेजी से इजाफा हुआ और यह दिसंबर 2005 के बाद से (जबसे आंकड़ें एकत्रित किए जा रहे हैं) सबसे तेजी से बढ़ी थी।’

सेवा कंपनियों ने खर्च भी अधिक किया। खर्चे में वृद्धि स्टॉफ की लागत और खाद्य कीमतों के कारण हुई। महंगाई की दर में वर्ष के अंत की तुलना में थोड़ा बदलाव आया।

Advertisement
First Published - February 5, 2025 | 10:45 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement