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ICRA ने चौथी तिमाही में GDP ग्रोथ 6.7%, FY24 में 7.8% रहने का लगाया अनुमान

ICRA का अनुमान है समूचे वित्त वर्ष 2023-24 के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहेगी।

Last Updated- May 21, 2024 | 2:29 PM IST
GDP Growth
Representative Image

घरेलू रेटिंग एजेंसी इक्रा (ICRA) ने वित्त वर्ष 2023-24 की जनवरी-मार्च तिमाही में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की ग्रोथ रेट घटकर चार तिमाही के निचले स्तर 6.7 प्रतिशत पर रहने का अनुमान लगाया है। इक्रा का अनुमान है समूचे वित्त वर्ष 2023-24 के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहेगी।

इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री (हेड-रिसर्च एंड आउटरीच) अदिति नायर ने कहा कि कम मात्रा में वृद्धि के साथ-साथ जिंस की कीमतों से कम लाभ के साथ कुछ औद्योगिक क्षेत्रों की लाभप्रदता में गिरावट से वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी (जनवरी-मार्च) तिमाही में भारत की जीवीए वृद्धि में कमी आने की उम्मीद है।

वित्त वर्ष 2022-23 की जनवरी-मार्च तिमाही में भारत की जीडीपी 6.1 प्रतिशत बढ़ी। समूचे वित्त वर्ष 2022-23 के लिए वृद्धि सात प्रतिशत थी। इक्रा ने बयान में कहा कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) और सकल मूल्य वर्धित (जीवीए) वृद्धि के बीच का अंतर वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में 100 आधार अंक (बीपीएस) तक कम होने की संभावना है, जो पिछली तिमाही में विशेष रूप से 185 बीपीएस के उच्च स्तर पर था।

जीडीपी एक निश्चित अवधि में उत्पादित वस्तुओं व सेवाओं का कुल मूल्य है। जीवीए, जीडीपी घटा शुद्ध कर (सकल कर संग्रह सब्सिडी घटाकर) है।

First Published - May 21, 2024 | 2:20 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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