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सरकार ने 2014 से विनिवेश से जुटाए चार लाख करोड़ रुपये

Last Updated- December 20, 2022 | 6:42 PM IST
Interim Budget: Disinvestment target pegged at Rs 50,000 crore in FY24 वित्त वर्ष 2024-25 में 50,000 करोड़ रुपये का विनिवेश लक्ष्य, RE घटाकर 30,000 रुपये किया गया

नरेंद्र मोदी सरकार के 2014 में सत्ता में आने के बाद से सरकार ने विनिवेश और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसई) की रणनीतिक बिक्री से 4.04 लाख करोड़ रुपये से अधिक जुटाए हैं। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

इसमें से सबसे ज्यादा 1.07 लाख करोड़ रुपये की राशि 59 मामलों में बिक्री पेशकश (ओएफएस) के जरिये जुटाई गई है। इसके बाद एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) के जरिये 10 किस्तों में हिस्सेदारी बिक्री कुल मिलाकर 98,949 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं।

पिछले आठ साल में एयर इंडिया समेत 10 कंपनियों में रणनीतिक बिक्री से सरकारी खजाने को 69,412 करोड़ रुपये मिले। वहीं 45 मामलों में शेयर पुर्नखरीद से 45,104 करोड़ रुपये मिले। वर्ष 2014-15 से 17 सीपीएसई सूचीबद्ध हुए जिनसे 50,386 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। सरकार को इसमें से अकेले बीमा कंपनी एलआईसी के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से 20,516 करोड़ रुपये मिले।

First Published - December 20, 2022 | 6:42 PM IST

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