facebookmetapixel
Tata Group ने एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के लिए नए प्रमुखों की तलाश शुरू कीअमेरिका–वेनेजुएला संकट: मादुरो की गिरफ्तारी पर दुनिया ने क्या कहा?क्या इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके ऑनलाइन खर्च या लाइफस्टाइल नजर रखता है? सरकार ने दिया जवाबTop-6 Multi Asset Allocation Fund: 2025 में दिया दमदार रिटर्न, 2026 में बने शेयरखान की टॉप-पिक; दोगुना बढ़ाया वेल्थचीन की बड़ी योजना: 2030 तक हाई-स्पीड रेल नेटवर्क 60,000 KM तक बढ़ाएगा, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर खासा जोर2026 Money Calendar: टैक्स, निवेश, बजट, ITR फाइलिंग से लेकर बैंकिग तक की पूरी गाइडQ3 में डिफेंस और कैपिटल गुड्स सेक्टर चमकेंगे, मोतीलाल ओसवाल ने BEL को टॉप पिक बनायाSundaram MF ने उतारा इनकम प्लस आर्बिट्रेज एक्टिव FoF, ₹5,000 से निवेश शुरू, जानें रिटर्न स्ट्रैटेजी और रिस्कARPU में उछाल की उम्मीद, इन Telecom Stocks पर ब्रोकरेज ने जारी की BUY कॉल, जान लें टारगेट्सRevised ITR की डेडलाइन निकल गई: AY 2025-26 में अब भी इन तरीकों से मिल सकता है रिफंड

बेहतर मॉनसून से घट सकती हैं खाद्य कीमतें: RBI रिपोर्ट

दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून की अच्छी बारिश, खाद्य कीमतों में राहत की उम्मीद: RBI रिपोर्ट

Last Updated- June 27, 2024 | 10:11 PM IST
RBI

भारतीय रिजर्व बैंक की वित्तीय स्थायित्व रिपोर्ट के अनुसार 2024 में दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून की बारिश सामान्य से अधिक रहना आगामी खरीफ सीजन के लिए अच्छा संकेत है और इससे खाद्य कीमतों पर दबाव कम हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि महंगाई में कमी के संकेत मिल रहे हैं, हालांकि यह असमान है। वहीं राजकोषीय घाटे में कमी के मामले में स्थिति प्रगति पर है।

मई महीने में समग्र महंगाई दर गिरकर 12 महीने के निचले स्तर 4.75 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो अप्रैल के 4.83 प्रतिशत से कम है। इस गिरावट के बावजूद खाद्य महंगाई लगातार चौथे महीने उच्च स्तर पर बनी हुई है और यह मई में 8.5 प्रतिशत पार कर गई। प्रमुख क्षेत्र की महंगाई दर, जिसमें खाद्य व ईंधन शामिल नहीं होता, मई महीने में गिरकर 3 प्रतिशत पर आ गई है, जो मौजूदा सीपीआई श्रृंखला का निचला स्तर है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वहीं दूसरी ओर बृहद आर्थिक और वित्तीय स्थिरता के कारण वास्तविक जीडीपी वृद्धि लगातार आगे बढ़ रही है। वैश्विक झटकों के बावजूद विदेशी क्षेत्र सुधर रहा है। घरेलू स्तर पर मजबूत पूंजी और नकदी अनुपातों, परिसंपत्ति हानि के स्तर में कमी तथा मुनाफे में वृद्धि के साथ वित्तीय स्थिति बेहतर बनी हुई है।

मौद्रिक नीति समिति ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान 7 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.2 प्रतिशत कर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा आर्थिक परिदृश्य कुछ सकारात्मक वजहों के साथ बेहतर स्थिति दिखा रहा है। घरेलू मांग तेज है। कारोबारी भरोसा बढ़ा है। इसकी वजह से भारत कई अन्य वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।

First Published - June 27, 2024 | 10:11 PM IST

संबंधित पोस्ट