facebookmetapixel
Advertisement
फॉरेस्ट एसेंशियल्स का अधिग्रहण करेगी एस्टी लॉडर कंपनीज, ब्रांड भारत में बनेगा नेतृत्व केंद्रFY27 के लिए इंडिया रेटिंग्स का अनुमान, यात्री वाहनों की बिक्री होगी नरमयूनिक्लो इंडिया का FY26 में 44% वृद्धि का लक्ष्य, भारत को ग्लोबल सोर्सिंग हब बनाएगीजीएसटी 2.0 के बाद फरवरी में वाहनों की खुदरा बिक्री रही टॉप गियर में, कुल बिक्री 24.1 लाखFMCG बाजार में ग्रामीण-शहरी अंतर घटा, तिमाही वृद्धि 7.8% पर धीमीरुपया डॉलर के मुकाबले 0.6% चढ़ा, आरबीआई के हस्तक्षेप से सुधारतीन दिन की गिरावट के बाद शेयर बाजार में जोरदार वापसी, सेंसेक्स 900 अंक चढ़ाअमेरिका से व्यापार करार में एशियाई प्रतिद्वंद्वियों से कम शुल्क दर पर भारत का जोरप​श्चिम ए​शिया में टकराव का असर: औद्योगिक क्षेत्र को गैस आवंटन में होगी कटौती!Editorial: टाटा संस की सूचीबद्धता पर फिर बढ़ा फोकस

लगातार दूसरे महीने बढ़ा रूस को निर्यात

Advertisement
Last Updated- December 21, 2022 | 11:59 PM IST
Cathay Cargo

भारत से रूस को होने वाला निर्यात अक्टूबर में लगातार दूसरे महीने बढ़ा है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि मार्च से लगातार 6 महीने तक संकुचन के बाद इसमें तेजी आ रही है। अक्टूबर के दौरान भारत 28 करोड़ डॉलर के वस्तुओं का निर्यात किया, जो एक साल पहले की तुलना में 3.7 प्रतिशत ज्यादा है। सब्जियों, चाय, कॉफी, रसायन के साथ लौह एवं स्टील उत्पादों की मांग बढ़ने के कारण ऐसा हुआ है। इसी तरह सितंबर महीने में वृद्धि करीब 6 प्रतिशत थी। कुल मिलाकर देखें तो चालू वित्त वर्ष के शुरुआती 7 महीनों में देश का निर्यात पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 16 प्रतिशत कम हुआ है।

रूस द्वारा 24 फरवरी को यूक्रेन पर आक्रमण के तुरंत बाद रूस को होने वाले निर्यात में लड़खड़ाहट शुरू हो गई थी। अमेरिका की अगुआई में पश्चिमी देशों ने रूस को वैश्विक कारोबार से अलग थलग करने के लिए प्रतिबंध लगा दिए थे। अगर आगे की स्थिति देखें तो व्यापारियों को उम्मीद है कि रूस को होने वाला निर्यात बढ़ेगा क्योंकि लॉजिस्टिक्स से जुड़ी चुनौतियां खत्म हो रही हैं। साथ ही रुपये में कारोबार शुरू होने से कारोबार आसान होगा।

फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्ट्स ऑर्गेनाइजेशन (फियो) के महानिदेशक और मुख्य कार्याधिकारी अजय सहाय ने कहा कि 2023 में रूस के साथ व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। सहाय ने कहा, ‘सामान की आवाजाही से संबंधित चुनौतियां कम होनी शुरू हो गई हैं। तुर्की के माध्यम से अतिरिक्त शिपिंग मार्ग पर भी विचार किया जा रहा है।

यह भी पढ़े: अतिरिक्त व्यय के लिए पर्याप्त राजस्व: निर्मला सीतारमण

इसके अलावा रुपये में कारोबार इस महीने से शुरू होने की संभावना है क्योंकि स्पेशल रुपया वोस्ट्रो खाता पहले ही भारतीय बैंकों में खुल गए हैं, जिससे भुगतान की सुविधा मिल सके। कुछ महीने पहले की तुलना में स्थिति कहीं बेहतर हुई है।’ उन्होंने कहा कि रूस को होने वाले निर्यात को अगले 2-3 महीने में गति मिलने की संभावना है। फियो के अनुमान के मुताबिक भारत एक साल में रूस को 5 अरब डॉलर का निर्यात कर सकता है। यूक्रेन युद्ध के बाद भारत के कारोबारी साझेदार के रूप में रूस का महत्त्व बढ़ रहा है। अब रूस भारत का पांचवां सबसे बड़ा कारोबारी साझेदार है। अप्रैल से अक्टूबर के दौरान भारत के कुल वैश्विक व्यापार में करीब 4 प्रतिशत रूस के साथ हुआ है।

Advertisement
First Published - December 21, 2022 | 11:58 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement