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फरवरी में निर्यात मामूली बढ़ा

Last Updated- December 12, 2022 | 7:01 AM IST

देश के कुछ इलाकों में कोविड-19 के मामले बढऩे से अनिश्चितता के बीच फरवरी में भारत के वाणिज्यिक वस्तुओं के निर्यात में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वाणिज्य मंत्रालय की ओर से आज जारी आंकड़ोंं के मुताबिक फरवरी महीने में पिछले साल की समान अवधि की तुलना मेंं निर्यात 0.67 बढ़कर 27.93 अरब डॉलर हो गया, वहीं आयात 6.96 प्रतिशत बढ़कर 40.54 अरब डॉलर हो गया है। आयात और निर्यात के बीच अंतर यानी व्यापार घाटा बढ़कर 12.16 अरब डॉलर हो गया है, जो एक साल पहले के 10.2 अरब डॉलर की तुलना में ज्यादा है।
निर्यातकों ने कहा कि निर्यात में देश भर में कंटेनरों की कमी और कुछ राज्यों में कोविड-19 के मामले बढऩे के कारण आपूर्ति में बाधाओं की वजह से मुख्य रूप से निर्यात प्रभावित हुआ है।
फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) के अध्यक्ष शरद कुमार सराफ ने कहा, ‘हम न सिर्फ ऑर्डर बुकिंग के हिसाब से आगे निर्यात मं सुधार जारी रहने के संकेत देख रहे हैं, बल्कि पूरी दुनिया में मांग भी बढ़ी है। इसकी वजह से इस सेक्टर के बेहतर दिन और महीने आने की संभावना है। बहरहाल चीन से निर्यात बढऩे के कारण इस इलाके में कंटेनरोंं की कमी पड़ गई है। शिपिंग लाइन व कंटेनर कंपनियों को चीन में खाली कंटेनर वापस लाने के लिए भारी भुगतान किया जा रहा है।’
लौह अयस्क, चावल, मोटे अनाज, मांस, डेरी और पाोल्ट्री उत्पाद, मसालों, दवा और फार्मास्यूटिकल्स, हैंडलूम उत्पाद, कोयला व अन्य खनिजों के निर्यात में बढ़ोतरी जारी है।
बहरहाल पेट्रोलियम उत्पाद, तिलहन, चमड़ा, काजू, रत्न एवं आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक सामान, समुद्री उत्पाद का निर्यात कम हुआ है, जो देश के निर्यात बास्केट में अहम भूमिका निभाते हैं।
जहां तक आयात का संबंध है, आंकड़ोंं से पता चलता है कि सोने का आयात 124 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक सामान और रसायनों का आयात क्रमश: 38 प्रतिशत और 37 प्रतिशत बढ़ा है।
इक्रा में मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, ‘तेल का घाटा कम हुआ है, वहीं गैर तेल वाणिज्यिक कारोबार का घाटा उल्लेखनीय रूप से फरवरी 2021 मेंं बढ़कर 6.4 अरब डॉलर हो गया है, जो फरवरी 2020 मेंं 2.8 अरब डॉलर था। केंद्रीय बजट पेश किए जाने के बाद से आयात में 80 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ोतरी सोने का आयात बढऩे से हुई है।’ नायर ने कहा, ‘आधार का असर पक्ष मेंं होने के कारण आयात व निर्यात दोनों की वृद्धि को बल मिला है। हम उम्मीद करते हैं कि आने वाले महीनों में व्यापार घाटा बढ़कर 13.5 से 14 अरब डॉलर हो जाएगा।’
चालू वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों के दौरान वाणिज्यिक वस्तुओं का निर्यात पिछले साल की तुलना मेंं 12 प्रतिशत घटकर 256.18 अरब डॉलर रह गया है। इसी तरह से आयात मेंं भी 23.11 प्रतिशत की गिरावट आई है औ्र यह 340.80 अरब डॉलर रह गया है। परिणामस्वरूप अप्रैल-फरवरी के बीच व्यापार घाटा 84.6 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के दौरान 151.37 अरब डॉलर था।

First Published - March 15, 2021 | 11:47 PM IST

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