facebookmetapixel
Health Insurance: हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय अधिकतर लोग क्या गलती करते हैं?दिल्ली की हवा इतनी खराब कैसे हुई? स्टडी में दावा: राजधानी के 65% प्रदूषण के लिए NCR व दूसरे राज्य जिम्मेदारExplainer: 50 शहरों में हिंसा, खामेनेई की धमकी और ट्रंप की चेतावनी…ईरान में आखिर हो क्या रहा है?Credit Card Tips: बिल टाइम पर चुकाया, फिर भी गिरा CIBIL? ये है चुपचाप स्कोर घटाने वाला नंबर!आस्था का महासैलाब: पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ शुरू हुआ माघ मेला, 19 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी2026 में हिल सकती है वैश्विक अर्थव्यवस्था, एक झटका बदल देगा सब कुछ…रॉबर्ट कियोसाकी ने फिर चेतायाKotak Mahindra Bank का निवेशकों को जबरदस्त तोहफा: 1:5 में होगा स्टॉक स्प्लिट, रिकॉर्ड डेट फिक्सकनाडा ने एयर इंडिया को दी कड़ी चेतावनी, नियम तोड़ने पर उड़ान दस्तावेज रद्द हो सकते हैंट्रंप का दावा: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी गिरफ्त में; हवाई हमलों की भी पुष्टि कीHome Loan: होम लोन लेने से पहले ये गलतियां न करें, वरना एप्लीकेशन हो सकती है रिजेक्ट

अंतरिक्ष स्पेक्ट्रम की नीलामी पर दूरसंचार विभाग और ट्राई में मतभेद

Last Updated- April 12, 2023 | 10:10 PM IST
Shares of this company reached Rs 180 to Rs 450 in a year with 150 percent return, investors should keep an eye on 30th July 150 फीसदी रिटर्न के साथ एक साल में 180 से 450 रुपये पहुंच गया इस कंपनी का शेयर, निवेशक 30 जुलाई पर रखें नजर
BS

अंतरिक्ष आधारित संचार के लिए स्पेक्ट्रम आवंटन के विवादास्पद मसले पर दूरसंचार विभाग और भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के बीच मतभेद सामने आए हैं।

दूरसंचार विभाग अपने इस रुख पर अड़ा हुआ है कि अंतरिक्ष आधारित संचार के लिए स्पेक्ट्रम की नीलामी की जानी चाहिए और उसने नियामक से इसके तौर-तरीकों पर काम करने का अनुरोध किया है।

हालांकि कुछ दिन पहले ‘अंतरिक्ष आधारित संचार के लिए स्पेक्ट्रम का आवंटन’ शीर्षक से एक परामर्श पत्र जारी करने वाले ट्राई ने हितधारकों से इन सवालों का जवाब देने के लिए कहा है कि क्या अंतरिक्ष आधारित संचार के लिए स्पेक्ट्रम बैंड की नीलामी की जानी चाहिए या प्रशासनिक तरीके से पेश किया जाना चाहिए अथवा क्या कोई अन्य विकल्प हो सकता है। इस प्रकार इस मसले को व्यापक रूप से खुला छोड़ा जा रहा है।

ज्यादातर दूरसंचार कंपनियों ने यह कहते हुए सरकार द्वारा तय कीमतों पर स्पेक्ट्रम की पेशकश करने का विरोध किया है कि समान सेवाओं के लिए समान अवसर होना चाहिए। उनका तर्क है कि चूंकि वे नीलामी में स्पेक्ट्रम खरीदते हैं, इसलिए अंतरिक्ष संचार आधारित ब्रॉडबैंड की भी नीलामी की जानी चाहिए, जो ग्राहकों के लिए उसी तरह की सेवा होती है।

लेकिन सुनील मित्तल द्वारा संचालित वनवेब जैसी उपग्रह कंपनियों ने इस कदम का यह संकेत करते हुए विरोध किया है कि विश्व स्तर पर अंतरिक्ष संचार के लिए स्पेक्ट्रम की नीलामी नहीं की जाती है और देश इसे सरकार द्वारा तय मूल्य तंत्र के रूप में प्रदान करते हैं।

इस मसले की शुरुआत सितंबर 2021 में हुई थी, जब दूरसंचार विभाग ने उपयुक्त आवृत्ति बैंड, ब्लॉक आकार, आरक्षित मूल्य और अंतरिक्ष आधारित संचार सेवाओं के लिए नीलामी की जाने वाली स्पेक्ट्रम की मात्रा की सिफारिश करने के लिए ट्राई को सुझाव भेजा था।

ट्राई ने स्पष्टीकरण मांगा, जिस पर दूरसंचार विभाग ने कहा कि 5जी की तैनाती की आवश्यकता के कारण नियामक अंतरिक्ष आधारित संचार पर सिफारिशों को बाद में ले सकता है, क्योंकि उनकी प्रतिक्रिया में समय लगेगा।

पिछले साल अगस्त में दूरसंचार विभाग ने ट्राई से अंतरिक्ष संचार सेवाओं की मांग का आकलन करने के लिए परामर्श करने और उसके अनुसार प्रत्येक बैंड में नीलामी के लिए रखे जाने वाले स्पेक्ट्रम की मात्रा पर सिफारिशें प्रदान करने का दोबारा अनुरोध किया था।

इसने यह भी कहा कि उसने ‘विशेष आधार पर अंतरिक्ष स्पेक्ट्रम की नीलामी की परिकल्पना की है’ तथा ट्राई से उपग्रह और स्थलीय नेटवर्क जैसे कई सेवा लाइसेंधारकों के बीच नीलामी वाले स्पेक्ट्रम को साझा करने की व्यावहारिकता को देखने के लिए कहा।

अक्टूबर 2022 में एक पत्र में ट्राई ने दूरसंचार विभाग से स्पष्टीकरण मांगा था कि नीलामी के जरिये अंतरिक्ष आधारित संचार के लिए किस प्रकार की लाइसेंस वाली सेवाओं और स्पेक्ट्रम की परिकल्पना की गई है। दूरसंचार विभाग ने जवाब दिया कि ट्राई विस्तृत जांच के बाद अंतरिक्ष आधारित प्रत्येक संचार सेवाओं के लिए उपयुक्त सिफारिशें प्रदान कर सकता है।

First Published - April 12, 2023 | 10:10 PM IST

संबंधित पोस्ट