facebookmetapixel
Advertisement
AUM गिरा लेकिन इन AMC Stocks पर भरोसा, ब्रोकरेज ने बताए टॉप पिकQ4 में बीमा कंपनियों की कमाई पर ब्रेक! GST और बाजार गिरावट बनी बड़ी वजहआईटी नियमों में बदलाव बना विवाद, मीडिया संगठनों ने उठाई आवाज; सेंसरशिप बढ़ने का डरदवा नियामक योजना के लिए फंडिंग में रुकावट पर संसदीय समिति की चिंताजी-सेक में बढ़ा निवेशकों का रुझान, लेकिन ब्याज दर जोखिम से रहें सावधानतेल 100 डॉलर पार, अमेरिका के इस फैसले से मचा हड़कंपखनिज संपदा के बावजूद आयात का बोझ, क्या राज्यों की धीमी चाल देश को पड़ रही महंगी?SBI Focused Fund: ₹10,000 बने ₹3.5 लाख, इस फंड ने कैसे दिया इतना बड़ा रिटर्न?पावर ग्रिड का बड़ा विस्तार, 2036 तक 7.9 लाख करोड़ का निवेश; क्या खत्म होंगी बिजली संकट की दिक्कतें?Stock Market Update: ट्रंप की नई धमकी से बाजार में चौतरफा बिकवाली, सेंसेक्स 1500 अंक टूटा; निफ्टी 23600 के नीचे फिसला

Dollar Vs Rupee: डॉलर में गिरावट के बाद भी रुपया कमजोर

Advertisement

रुपया शुक्रवार को 82.17 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जबकि गुरुवार को यह 82.07 पर था।

Last Updated- July 14, 2023 | 11:48 PM IST
Dollar vs Rupee

शुक्रवार को डॉलर सूचकांक (Dollar Index) गिरकर 100 से नीचे पहुंचने के बावजूद रुपया 10 पैसे तक गिर गया, क्योंकि आरबीआई (RBI) ने अपना भंडार दुरुस्त करने के प्रयास में डॉलर खरीदारी पर जोर दिया।

डीलरों का कहना है कि इसके अलावा आयातकों ने तेल कंपनियों के लिए डॉलर खरीदे, जिससे रुपये पर दबाव बढ़ गया। डॉलर सूचकांक ने 13 अप्रैल 2022 के बाद 100 का स्तर पार किया है, जो 15 महीने का निचला स्तर है।

डॉलर सूचकांक 6 प्रमुख मुद्राओं के खिलाफ अमेरिकी डॉलर के प्रदर्शन का मापक है। रुपया शुक्रवार को 82.17 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जबकि गुरुवार को यह 82.07 पर था।

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवायजर्स में ट्रेजरी प्रमुख अनिल कुमार भंसाली ने कहा, ‘अमेरिकी डॉलर की तुलना में रुपया 81.93 के ऊंचे स्तर पर खुला था, लेकिन बाद में इसमें बिकवाली हुई, क्योंकि आरबीआई ने डॉलर खरीदारी पर जोर दिया।

एशियाई मुद्राओं में तेजी बनी रही और तेल को छोड़कर रुपये के लिए सभी कारक सकारात्मक हैं।’

81.90 से 82.50 के बीच बना रह सकता है रुपया

अनुमान से कम अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़े की वजह से डॉलर सूचकांक में कमजोरी आई, जिससे निवेशकों में इस धारणा को बढ़ावा मिला है कि वर्ष के लिए ब्याज दर वृद्धि की आशंका कम रहेगी।

कमजोर उत्पादक और उपभोक्ता मुद्रास्फीति के आंकड़े से इस धारणा को बढ़ावा मिला है कि फेडरल रिजर्व अपने ब्याज दर वृद्धि चक्र के चरम पर है। इससे संकेत मिलता है कि जुलाई में संभावित दर वृद्धि मौजूदा चक्र में आखिरी हो सकती है।

रुपया आगामी सप्ताह में डॉलर सूचकांक में कमजोरी की वजह से 81.90 से 82.50 के बीच बना रह सकता है।

Advertisement
First Published - July 14, 2023 | 10:21 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement