Critical Minerals Auction: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 12 महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों पर रॉयल्टी दर तय करने के लिए एमएमडीआर अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दे दी। खान मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस बारे में फैसला किया गया।
बयान के मुताबिक, “केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 12 महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों के संबंध में रॉयल्टी की दर निर्दिष्ट करने के लिए खान एवं खनिज विकास और विनियमन (एमएमडीआर) अधिनियम, 1957 की दूसरी अनुसूची में संशोधन को मंजूरी दे दी।” इन खनिजों में बेरिलियम, कैडमियम, कोबाल्ट, गैलियम, इंडियम, रेनियम, सेलेनियम, टैंटलम, टेल्यूरियम, टाइटेनियम, टंगस्टन और वैनेडियम हैं।
मंत्रालय ने कहा कि इस फैसले से सभी 24 महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों के लिए रॉयल्टी दरों को तर्कसंगत बनाने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। इसके पहले 15 मार्च, 2022 को सरकार ने चार महत्वपूर्ण खनिजों- ग्लॉकोनाइट, पोटाश, मॉलिब्डेनम और प्लैटिनम समूह के खनिजों और 12 अक्टूबर, 2023 को तीन महत्वपूर्ण खनिजों- लिथियम, नायोबियम एवं दुर्लभ पृथ्वी तत्वों की रॉयल्टी दर अधिसूचित की थी।
खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2023 में एमएमडीआर अधिनियम की पहली अनुसूची के भाग डी में 24 महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों को सूचीबद्ध किया गया था। संशोधित नियमों में यह प्रावधान रखा गया कि इन 24 खनिजों के खनन पट्टे और मिश्रित लाइसेंस की नीलामी केंद्र सरकार करेगी।
मंत्रिमंडल के ताजा फैसले के बाद केंद्र सरकार देश में पहली बार इन 12 खनिजों के लिए ब्लॉक की नीलामी करने में सक्षम होगी। खनिज ब्लॉक की नीलामी में बोली लगाने वालों के लिए खनिजों पर रॉयल्टी दर की संकल्पना महत्वपूर्ण है। इसके अलावा खान मंत्रालय ने इन खनिजों के औसत बिक्री मूल्य (एएसपी) की गणना का तरीका भी खान मंत्रालय द्वारा तैयार किया है।