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EU ट्रेड डील से तिरुपुर को बड़ी राहत, परिधान निर्यात में बांग्लादेश से आगे निकलने की उम्मीद

अमेरिका द्वारा लगाए गए अधिक टैरिफ के कारण तिरुपुर को वर्ष 2025 में पहले ही 15,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है

Last Updated- January 26, 2026 | 2:26 PM IST
Tiruppur textile industry

भारत के कपड़ा एवं परिधान उद्योग और ऊनी कपड़ों की बुनाई (निटवेयर) के केंद्र तिरुपुर ने यूरोपीय संघ (ईयू) के व्यापार समझौते का स्वागत किया है जिस पर इस सप्ताह मुहर लगने की उम्मीद है। उद्योग को उम्मीद है कि इस समझौते से यूरोपीय निर्यात में प्रतिद्वंद्वी बांग्लादेश से जल्द ही आगे निकल जाएगा। वहीं अमेरिका के अतिरिक्त 25 प्रतिशत आयात शुल्क (टैरिफ) को संभावित रूप से हटाने के रुख से भारत की वर्ष 2030 तक 9 लाख करोड़ रुपये के निर्यात लक्ष्य को हासिल करने की महत्त्वाकांक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा।

अमेरिका द्वारा लगाए गए अधिक टैरिफ के कारण तिरुपुर को वर्ष 2025 में पहले ही 15,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। भारत की निटवेयर राजधानी को एक बड़ा झटका लगा है क्योंकि अधिक टैरिफ के कारण निर्यातकों को इकाइयों में 30 प्रतिशत तक उत्पादन में कटौती का सहारा लेना पड़ा। तिरुपुर के ऑर्डर वियतनाम, बांग्लादेश और कंबोडिया जैसे प्रतिस्पर्धी देशों में जाने लगे थे जहां मौजूदा टैरिफ के फायदे दिखते हैं। बांग्लादेश, यूरोपीय बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ियों में से एक है।

एक सूत्र के अनुसार, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डर लेयेन द्वारा सभी सौदों की जननी कहे जाने वाले यूरोपीय संघ के समझौते को यूरोपीय संसद में एक ही बार में मंजूरी मिलने की संभावना है बजाय इसके कि 27 देशों की प्रत्येक संसद से अलग-अलग मंजूरी मिले। जुलाई में हस्ताक्षरित ब्रिटेन व्यापार समझौते से भी परिधान उद्योग को रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) के अध्यक्ष ए शक्तिवेल ने कहा, ‘अगला दशक भारत के कपड़ा उद्योग के लिए होगा। यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के सौदों के साथ, हमें निश्चित रूप से बांग्लादेश की तुलना में बढ़त मिलेगी जो उस बाजार में शुल्क-मुक्त निर्यात के फायदे उठा रहा था। भारत के लिए घरेलू कच्चे माल की आपूर्ति होने का भी लाभ है।’

सबसे कम विकसित देश (एलडीसी) होने के कारण बांग्लादेश को एवरीथिंग बट आर्म्स (ईबीए) पहल के तहत शुल्क-मुक्त, कोटा-मुक्त पहुंच से इस क्षेत्र में लाभ मिला था। शक्तिवेल ने आगे कहा, ‘यूरोपीय बाजार हिस्सेदारी हमारे लिए लगभग 40 प्रतिशत है जबकि अमेरिका की बाजार हिस्सेदारी केवल 30 प्रतिशत है। इसलिए यह सबसे अधिक फायदेमंद होगा।’

तिरुपुर से कपड़े खरीदने वाले कुछ बड़े ब्रांड में प्राइमार्क, वॉलमार्ट, मार्क्स ऐंड स्पेंसर, हेंस ऐंड मॉरित्ज एबी (एचऐंडएम), टॉमी हिलफिगर, एमेजॉन, टीजीएक्स कंपनीज, कोल्स, गैप इंक और टारगेट शामिल हैं।

First Published - January 26, 2026 | 2:26 PM IST

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