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कोरोना का झटका, भारतीयों का विदेश पढऩे जाना अटका

Last Updated- December 12, 2022 | 1:52 AM IST

विश्वम पटेल (नाम परिवर्तित) दिल्ली से टोरंटो के लिए बड़ी मुश्किल से उस उड़ान में टिकट बुक करा पाए थे, जो दोहा में ठहरकर आगे जाती है। मगर बाद में न केवल उनकी उड़ान रद्द हो गई बल्कि कतर ने भी 10 दिन के क्वारंटीन की घोषणा कर दी। कनाडा में मैकेनिकल इंजीनियरिंग पढऩे की योजना बना रहे पटेल ने उदास मन से कहा, ‘पिछले एक महीने में मुझे हवाई टिकटों पर 2 लाख रुपये से ज्यादा खर्च करने पड़े मगर दो बार उड़ान रद्द हो गईं। अब मेरे पास प्रवेश को अगले साल जनवरी तक टालने के अलावा कोई चारा नहीं है क्योंकि और टिकट बुक कराने का खर्च अब मैं नहीं उठा सकता।’

कनाडा सरकार भारत से सीधी उड़ानों पर प्रतिबंध इस साल 21 सितंबर तक के लिए बढ़ा रही है और ऑस्ट्रेलिया की सीमा पहले से ही बंद चल रही हैं। उसने अंतरराष्ट्रीय छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा जारी रखने के लिए कहा है, जिससे भारतीय छात्र अधर में लटक गए हैं।
भारतीय छात्रों को मालदीव, मैक्सिको, अल्बानिया और यूक्रेन जैसे देशों से होकर यात्रा करने और सामान्य से तीन गुना किराया चुकाकर भी टिकट रद्द होने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में कनाडा जाने वाले भारतीय छात्रों का सर्दी वाले सेमेस्टर तक पहुंचना भी मुश्किल है। दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया में खास तौर पर स्टेम (विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग, गणित) कोर्स पढऩे की योजना बना रहे भारतीय छात्र वहां की सीमाएं बंद होने के कारण अब अमेरिका और दूसरे देशों के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। 

कनाडा सरकार ने इस सप्ताह के प्रारंभ में ट्वीट किया, ‘हम कोविड-19 के कारण भारत से कनाडा की सभी सीधी व्यावसायिक और निजी यात्री उड़ानों पर 21 सितंबर, 2021 तक रोक के लिए नोटम (नोटिस टू एयरमेन) को आगे बढ़ा रहे हैं।’
भारत के विदेश मंत्रालय ने कथित रूप से कहा है कि वह यात्रा पर बंदिशें हटने की उम्मीद कर रहा है, विशेष रूप से छात्रों के लिए। वह कनाडा जैसे देेशों के साथ इस मामले पर बातचीत कर रहा है। सिरस हॉलिडे में पार्टनर सपना रातेरिया ने कहा, ‘कनाडा जाने के विकल्प सीमित हैं क्योंकि वहां की सीधी उड़ानें नहीं हैं। आम तौर पर लोग मालदीव और मैक्सिको होकर जाते हैं क्योंकि कनाडा अपने यहां प्रवेश के लिए किसी तीसरे देश की आरटी-पीसीआर रिपोर्ट मांगता है। लेकिन कम उड़ानों के कारण मैक्सिको की सीट मिलना मुश्किल है। अगले 15 दिन तक मैक्सिको के लिए कोई सीट उपलब्ध नहीं है। टिकट भी महंगे हैं। महामारी से पहले हम कनाडा आने-जाने का टिकट करीब 75,000 रुपये में बेचते थे। अब एक तरफ का टिकट, मालदीव या मैक्सिको में दो-तीन दिन होटल में ठहरने और आरटी-पीसीआर जांच का खर्च दो लाख रुपये तक आता है।’ 

विदेशी शिक्षा और आप्रवास सलाहकारों के पास चिंतित माता-पिता और छात्र आ रहे हैं, जिनके लिए न केवल यात्रा खर्च में अचानक बढ़ोतरी हुई है बल्कि उन्हें टिकट रद्द होने या किसी अन्य देश से लौटने जैसी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। 

एक अग्रणी विदेशी शिक्षा सेवा प्रदाता योकेट के सह-संस्थापक सुमित जैन ने कहा, ‘न केवल उड़ानें अचानक तीन गुना महंगी हो गई हैं बल्कि बहुत से छात्रों का कनाडा का वीजा भी रद्द कर दिया गया है। कई उड़ानें रद्द होने के कारण छात्रों का पैसा फंस रहा है, जो वापस मिलने में समय लगता है।’
नो बॉर्डर कंसल्टेंसी के समीर यादव के मुताबिक बहुत से माता-पिता ने अपने बच्चों को चार्टर्ड उड़ानों से मालदीव के रास्ते कनाडा भेजा है। मगर ऐसी उड़ानों का खर्च बहुत अधिक है। इसके अलावा कुछ ऐसे भी मामले आए हैं, जिनमें मालदीव से आव्रजन अधिकारियों ने छात्रों को वापस भेज दिया क्योंकि वे मालदीव से भारत लौटने के टिकट के सबूत नहीं पेश कर सके।

First Published - August 14, 2021 | 12:49 AM IST

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