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जनवरी में प्रमुख क्षेत्र की वृद्धि घटी

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Last Updated- December 11, 2022 | 8:59 PM IST

जनवरी में 8 उद्योग वाले प्रमुख क्षेत्र की वृद्धि दर घटकर 3.7 प्रतिशत रह गई, जो इसके पहले महीने में 4.1 प्रतिशत थी। इससे ओमीक्रोन के कारण कुछ क्षेत्रों में हुए लॉकडाउन के मामूली असर का पता चलता है।
इसके बावजूद पिछले साल के अनूकूल आधार के असर के कारण जनवरी में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में बढ़ोतरी की संभावना है, जिसमें दिसंबर में महज 0.4 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई थी। आईआईपी में प्रमुख क्षेत्र का अधिभार 40 प्रतिशत से ज्यादा है।
इसका मतलब यह है कि औद्योगिक क्षेत्र कोविड की तीसरी लहर के किसी बड़े असर से बच सकता है, जो पहले की दो लहर की तुलना में कमजोर था।
इक्रा में मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, ‘औद्योगिक क्षेत्र तीसरी लहर से तुलनात्मक रूप से बचा हुआ नजर आ रहा है और प्रमुख क्षेत्र की वृद्धि में सालाना आधार पर मामूली कमी आई है। साथ ही रोजाना के जीएसटी ई-वे बिल के सृजन में भी बहुत मामूली कमी आई है।’
इस साल जनवरी में 6.88 करोड़ ई-वे बिल का सृजन हुआ है, जबकि इसके पहले महीने में 7.16 करोड़ ई-वे बिल बनाए गए थे।
चालू वित्त वर्ष के पहले 10 महीनों में कम आधार के कारण प्रमुख क्षेत्र में 11.5 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की गई है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 8.6 प्रतिशत संकुचन आया था।
बैंक आफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, ‘उर्वरक का उत्पादन कम है, जिसकी वजह फसल बुआई के मौसम खत्म होना है।’ रबी सीजन की बुआई जनवरी में खत्म हो जाती है।
उन्होंने आईआईपी को लेकर बहुत ज्यादा उम्मीद जताते हुए कहा कि आईआईपी वृद्धि करीब 3 प्रतिशत रहने की संभावना है क्योंकि आधार के असर के साथ उपभोक्ता वस्तुओं में तेजी का रुख है।

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First Published - March 1, 2022 | 12:05 AM IST

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