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कोयले के बढ़ते बकाये को लेकर चिंता

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Last Updated- December 12, 2022 | 1:22 AM IST

भारत के ताप बिजली संयंत्रों में कोयले की कमी है और केंद्र ने उत्पादकों से आयात करने को कहा है। कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ने ज्योति मुकुल से बातचीत में कहा कि बारिश की वजह से लदान पर असर पड़ा है, लेकिन अगले कुछ दिन में रोजाना की लदान सुधरकर 18 लाख टन हो जाएगी। प्रमुख अंश…
कोल इंडिया ताप बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति किस तरह से बढ़ा रही है? 

कोयले से चलने वाले बिजली संयंत्रों को हमारी आपूर्ति पिछले सप्ताह की तुलना में 103 प्रतिशत रही है। औसत रोजाना आपूर्ति 13.5 लाख टन है, जबकि केंद्रीय बिजली प्राधिकरण द्वारा 13.1 लाख टन की जरूरत बताई गई है। पिछले 3 दिन में बिजली क्षेत्र को औसत लोडिंग बढ़कर 14 लाख टन पहुंच गई है।
लॉजिस्टिक्स मसलों के समाधान के लिए क्या किया जा रहा है? 

जुलाई के दूसरे पखवाड़े से अगस्त के मध्य तक हमारी लोडिंग प्रक्रिया पंगु रही है क्योंकि खराब सड़कों के कारण आवाजाही प्रभावित रही और जलजमाव का असर रहा। 20 जुलाई से हमारी लोडिंग प्रतिदिन 234 रैक है। मॉनसून की वापसी के बाद हम लदान बढ़ा सकते हैं और पिछले तीन दिन में हमने प्रतिदिन 271 रैक की लोडिंग की है। आगे यह और बढऩे की उम्मीद है। 
क्या उत्पादकों की ओर से भुगतान में देरी हो रही है? 

कुछ मामलों में भुगतान में देरी हुई है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, डीवीसी, एनटीपीसी का बकाया ज्यादा है। हम बढ़ते बकाये से चिंतित हैं और हमें अपनी कोयला की कंपनियों की स्थिरता को लेकर चिंता करनी पड़ रही है। 
भुगतान न होने पर किस स्थिति में सीआईएल आपूर्ति रोकती है? 

सभी भुगतान 90 दिन के भीतर करना अनिवार्य है। लेकिन कुल मिलाकर हमने किसी भी संयंत्र की आपूर्ति नहीं रोकी है।
 

खदानों में रोजाना कितना उत्पादन हो रहा है? 
हम पिछले सप्ताह के दौरान रोजाना औसत उत्पादन बढ़ाकर 14.5 लाख टन करने में सफल रहे हैं। अगस्त में रोजाना का उत्पादन पिछले 4 साल में कभी भी 12.5 लाख टन से ज्यादा नहीं रहा है। यहां तक कि 23 अगस्त तक हमारा रोजाना का औसत उत्पादन 13.5 लाख टन था। खासकर छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ।

कब तक आपूर्ति सामान्य हो जाएगी? 
उत्पादन बढ़ाने व उसे खाली करने के बुनियादी ढांचे में बढ़ोतरी की योजना और पर्याप्त मात्रा में कोयले के भंडार के बाद हम बिजली क्षेत्र की किसी भी बढ़ी मांग को पूरी करने में सक्षम होंगे। मॉनसूनी बारिश कम होने के साथ अगले कुछ दिन में हमारी लदान 18 लाख टन रोजाना हो जाएगी।

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First Published - September 2, 2021 | 11:51 PM IST

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