facebookmetapixel
अश्लील AI कंटेंट पर सरकार सख्त: Grok की व्यापक समीक्षा करें X, 72 घंटे में रिपोर्ट पेश करने का आदेशमहिंद्रा समूह के CEO अनिश शाह का जरूरी संदेश: बड़ा सोचो, कम करो लेकिन उसे अच्छे से क्रियान्वित करोAdani Total ने घटाई CNG और PNG की कीमतें, आम उपभोक्ताओं को मिलेगी सीधी राहतछोटे निर्यातकों को बड़ी राहत: सरकार ने ₹7,295 करोड़ का निर्यात सहायता पैकेज और ऋण गारंटी योजना का किया ऐलानदेवयानी-सफायर के विलय को मिली मंजूरी, भारत में केएफसी-पिज्जा हट के नेटवर्क को करेगा मजबूतसुप्रिया लाइफ साइंसेज ने अंबरनाथ में नई इकाई से विनियमित वैश्विक बाजारों में दांव बढ़ायाECMS के तहत 22 और प्रस्ताव मंजूर, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग में ₹41,863 करोड़ का निवेश!2026 में भारतीय विमानन कंपनियां बेड़े में 55 नए विमान शामिल करेंगी, बेड़ा बढ़कर 900 के करीब पहुंचेगाIndia manufacturing PMI: नए ऑर्डर घटे, भारत का विनिर्माण दो साल के निचले स्तर पर फिसलाभारत में ऑटो पार्ट्स उद्योग ने बढ़ाया कदम, EV और प्रीमियम वाहनों के लिए क्षमता विस्तार तेज

‘Made in Vietnam’ बनाकर भारत आ रहा था चीन का सामान, CBIC ने नियमों में किया बड़ा बदलाव

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह कदम खासतौर पर चीन से आने वाले ऐसे आयात पर नजर रखने के लिए है जो ASEAN देशों, श्रीलंका और यूएई के रास्ते भारत लाए जाते हैं।

Last Updated- March 21, 2025 | 11:17 AM IST
Govt Replaces ‘Certificate’ with ‘Proof’ in Rules of Origin Regulations
Representative image

सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स (CBIC) ने कस्टम्स (एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ रूल्स ऑफ ओरिजिन अंडर ट्रेड एग्रीमेंट्स) रूल्स, 2020 में बदलाव किया है। अब इन नियमों में ‘सर्टिफिकेट’ शब्द की जगह ‘प्रूफ’ का इस्तेमाल किया जाएगा। यह बदलाव 18 मार्च से लागू हो गया है।

यह नियम उन आयातित वस्तुओं की कंट्री ऑफ ओरिजिन यानी मूल देश की पहचान तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं, जिनके लिए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTA) के तहत टैरिफ यानी शुल्क में छूट दी जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह कदम खासतौर पर चीन से आने वाले ऐसे आयात पर नजर रखने के लिए है जो ASEAN देशों, श्रीलंका और यूएई के रास्ते भारत लाए जाते हैं ताकि ऊंचे टैरिफ और ट्रेड पाबंदियों से बचा जा सके।

Nangia Andersen LLP के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (इनडायरेक्ट टैक्स) शिवकुमार रामजी ने बताया कि अब कस्टम अधिकारियों को ज्यादा अधिकार मिल गए हैं। अब वे यह जांच सकते हैं कि जो सामान फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तहत कम ड्यूटी पर आ रहा है, वह वाकई उसी देश का है या नहीं, जिससे भारत का समझौता है।

रामजी के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि मोबाइल फोन, वाइट गुड्स, सेट-टॉप बॉक्स जैसे कई इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स चीन से भेजे जा रहे थे, लेकिन उन्हें वियतनाम, सिंगापुर और इंडोनेशिया जैसे देशों के जरिए भारत लाया जा रहा था। इन पर FTA के तहत कम ड्यूटी ली जा रही थी, जबकि ये “रूल्स ऑफ ओरिजिन” के मानदंडों को पूरा नहीं करते थे।

एक मामले का जिक्र करते हुए रामजी ने बताया कि वियतनाम के Ho Chi Minh City में स्थित एक कंपनी चीन से तैयार सिल्क इंपोर्ट कर रही थी और उस पर ‘मेड इन वियतनाम’ (Made in Vietnam) का टैग लगाकर भारत एक्सपोर्ट कर रही थी। इस तरह वह वियतनाम और भारत के बीच के व्यापार समझौते का फायदा उठाकर कम टैरिफ पर सामान भेज रही थी।

रामजी के अनुसार, इन धांधलियों को देखते हुए भारतीय अधिकारियों ने अब इंपोर्टेड सामान की बारीकी से जांच शुरू कर दी है, ताकि फर्जी सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन के जरिए घरेलू इंडस्ट्री को नुकसान पहुंचाने वाली प्रतिस्पर्धा को रोका जा सके।

First Published - March 21, 2025 | 11:17 AM IST

संबंधित पोस्ट