facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

भारत में कार्ड से भुगतान 2023 में करीब 28 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा: ग्लोबलडेटा

भारत में आमने-सामने कार्ड के जरिये लेनदेन में कार्ड भुगतान की हिस्सेदारी 6 गुना से ज्यादा का इजाफा हुआ है।

Last Updated- August 22, 2023 | 10:39 PM IST
TCS, remittances, finance ministry, tax collected at source, TCS rates, क्रेडिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड टीसीएस पर मोहलत

भारत में कार्ड से भुगतान 2023 में सालाना आधार पर 28.6 प्रतिशत बढ़कर 27.9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। लंदन स्थित डेटा और एनालिटिक्स कंपनी ग्लोबल डेटा (Global Data) ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।

ग्लोबलडेटा ने कहा कि भारत में कार्ड भुगतान के मूल्य में 2022 के दौरान 26.2 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। इकोनॉमिक ग्रोथ, उपभोक्ताओं की इलेक्ट्रॉनिक भुगतान के प्रति बढ़ती प्राथमिकता और सरकार का कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के प्रयास के चलते में कार्ड से भुगतान में इजाफा हुआ है।

घट रहा अब कैश का इस्तेमाल 

ग्लोबलडेटा के वरिष्ठ बैंकिंग और भुगतान विश्लेषक कार्तिक चल्ला ने कहा, “भारत परंपरागत रूप से कैश से चलने वाली अर्थव्यवस्था रहा है। हालांकि, किसी पेमेंट के लिए कैश का इस्तेमाल अब घट रहा है। व्यापारी सेवा शुल्क को कम करना और प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) टर्मिनल स्थापित करने के लिए व्यापारियों को सब्सिडी प्रदान करना जैसे सरकार के क़दमों से देश में कार्ड भुगतान बाजार की वृद्धि के पीछे कुछ प्रमुख कारक हैं।”

एटीएम से कैश निकासी धीरे-धीरे हो रही कम 

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में पॉइंट ऑफ सेल्स (POS) भुगतान के लिए कार्ड के उपयोग में जोरदार वृद्धि हुई है। इसमें दुकानों पर पीओएस टर्मिनल और ऑनलाइन दोनों शामिल हैं। साथ ही भारतीयों द्वारा एटीएम से कैश निकासी धीरे-धीरे कम हो रही है।

चल्ला ने कहा, “2023 में एटीएम से कैश निकासी केवल 4.6 प्रतिशत बढ़कर 34.4 लाख करोड़ रुपये (416.2 अरब डॉलर) तक पहुंचने का अनुमान है। इसके अलावा कोरोना महामारी ने बिना संपर्क में आये भुगतान के तरीकों पर भी जोर दिया है, जिससे कार्ड से पेमेंट का चलन बढ़ा है।”

इस बीच, कार्ड से भुगतान बढ़ाने और कैश पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार ने जनवरी 2020 से सरकार के RuPay कार्ड के साथ लेनदेन पर व्यापारी सर्विस फीस को समाप्त कर दिया था। सरकार ने यह कदम व्यापारियों को RuPay कार्ड के जरिये भुगतान स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित करने को लेकर उठाया था।

इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी बैंकों को जनवरी 2022 से महीने में एटीएम से पैसे निकालने की सीमा खत्म होने के बाद प्रति लेनदेन पर 21 रुपये तक शुल्क लगाने की अनुमति दे दी थी। इसकी वजह से लोग एटीएम से कैश निकलवाना कम पसंद करते हैं।

कार्ड के जरिये लेनदेन में कार्ड भुगतान की हिस्सेदारी 6 गुना से अधिक बढ़ी

जून 2022 में Visa और Worldline की तरफ से जारी एक व्हाइटपेपर के अनुसार, भारत में आमने-सामने कार्ड के जरिये लेनदेन में कार्ड भुगतान की हिस्सेदारी 6 गुना से ज्यादा का इजाफा हुआ है। यह दिसंबर 2018 में केवल 2.5 प्रतिशत से बढ़कर दिसंबर 2021 में 16 प्रतिशत हो गई।

First Published - August 22, 2023 | 1:01 PM IST

संबंधित पोस्ट