facebookmetapixel
Advertisement
Bharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमण

Cabinet Decisions: अरुणाचल के शी योमी में बनेगा 700 MW हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट, CCEA की ₹8146 करोड़ निवेश की मंजूरी

Advertisement

यह परियोजना न केवल उत्तर-पूर्व भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि राष्ट्रीय ग्रिड की स्थिरता में भी योगदान देगी।

Last Updated- August 12, 2025 | 5:01 PM IST
hydropower project

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने अरुणाचल प्रदेश के शी योमी जिले में 700 मेगावाट क्षमता वाले टाटो-2 जल विद्युत परियोजना के निर्माण के लिए ₹8146.21 करोड़ के निवेश प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना 72 महीनों (6 वर्षों) में पूरी की जाएगी।

  • कुल स्थापित क्षमता: 700 मेगावाट (4 यूनिट x 175 मेगावाट)
  • उत्पन्न होने वाली कुल ऊर्जा: 2738.06 मिलियन यूनिट (MU) प्रति वर्ष
  • कार्यान्वयन एजेंसी: NEEPCO और अरुणाचल प्रदेश सरकार की संयुक्त उद्यम कंपनी
  • 12% मुफ्त बिजली राज्य को प्रदान की जाएगी 
  • 1% बिजली की कीमत स्थानीय क्षेत्र विकास कोष (LADF) के लिए
  • ₹436.13 करोड़ की केंद्रीय सहायता राज्य की इक्विटी हिस्सेदारी के लिए
  • ₹458.79 करोड़ की सहायता सड़कों, पुलों और ट्रांसमिशन लाइनों जैसी सहायक आधारभूत संरचना के लिए

Also read: Trump Tariff: तिरुपुर पर संकट के बादल, अमेरिकी टैरिफ ने छीनी बुनकरों की नींद, रोजगार पर मंडरा रहा खतरा

परियोजना के तहत करीब 32.88 किलोमीटर लंबी सड़कें और पुल बनाए जाएंगे, जो स्थानीय उपयोग के लिए भी उपलब्ध होंगे।  इसके साथ ही ₹20 करोड़ की निधि से अस्पताल, स्कूल, बाज़ार, खेल के मैदान और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी तैयार की जाएंगी।

  • प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर
  • स्थानीय कंपनियों, आपूर्तिकर्ताओं और MSMEs को व्यापार का लाभ
  • सीएसआर गतिविधियों और मुआवज़े के ज़रिए सामाजिक कल्याण
  • सड़कें, चिकित्सा सुविधाएं, शिक्षा और अन्य बुनियादी सेवाएं

सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि यह परियोजना न केवल उत्तर-पूर्व भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि राष्ट्रीय ग्रिड की स्थिरता में भी योगदान देगी। ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ के तहत यह पहल देश की ऊर्जा सुरक्षा, स्थानीय विकास और हरित ऊर्जा लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगी।  अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में बन रही टाटो-2 जल विद्युत परियोजना न सिर्फ ऊर्जा उत्पादन का बड़ा स्रोत बनेगी, बल्कि स्थानीय विकास, रोज़गार, और बुनियादी ढांचे में सुधार के ज़रिए पूर्वोत्तर भारत को नई ऊंचाई पर ले जाएगी।

 

Advertisement
First Published - August 12, 2025 | 5:01 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement