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भारत में ग्लोबल इन्वेस्टर्स की भागीदारी बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज NASDAQ

नैस्डैक के अधिकारी ने कहा कि स्पष्ट रूप से अब पूरा ध्यान भारत पर है क्योंकि चीन में निवेश करना अधिक कठिन हो गया है।

Last Updated- November 15, 2023 | 3:35 PM IST
Is the correlation between Nifty IT index and Nasdaq intact?

नैस्डैक के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि वैश्विक निवेशकों से भारत में बेहद जरूरी निवेश लाने में अमेरिकी शेयर बाजार महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। नैस्डेक के कार्यकारी वाइस चेयरमैन एडवर्ड नाइट ने कहा कि भारत में अभी ‘‘200 से अधिक बेहद बड़ी स्टार्टअप कंपनियां हैं जो भविष्य में सूचीबद्ध हो सकती हैं’’…ऐसा दुनिया में कहीं और नहीं देखा गया है।

नैस्डेक (नैशनल एसोसिएशन ऑफ सिक्योरिटीज डीलर्स ऑटोमेटेड कोटेशन) एक स्टॉक एक्सचेंज है। एपल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन जैसी दुनिया की कुछ सबसे बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियां इसमें लिस्टेड हैं। यह न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (एनवाईएसई) के बाद बाजार पूंजीकरण के हिसाब से दुनिया के सबसे पुराना तथा दूसरे सबसे बड़े शेयर बाजार में से एक है।

नाइट ने कहा कि भारत में ‘‘ एक मजबूत कानूनी प्रणाली… बेहद मजबूत विश्वविद्यालय हैं और इन सभी के दम पर प्रारंभिक चरण की कंपनियों ने नवाचार तथा प्रौद्योगिकी नवाचार का सृजन किया है और उसे जारी भी रख सकती हैं।’’ उन्होंने कहा कि लेकिन ‘‘ आपको पूंजी की जरूरत है और भारत की पूंजी की जरूरतें इसकी सफलता के साथ बढ़ती जा रही हैं।’’

नाइट ने कहा, ‘‘स्टार्टअप कंपनियों के लिए आपको पूंजी की जरूरत है। इसलिए नैस्डैक के दृष्टिकोण से हमें लगता है कि हम वैश्विक निवेशकों को भारतीय अर्थव्यवस्था में सीधे प्रवेश दिला सकते हैं और भारत में अधिक पूंजी ला सकते हैं।’’

उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पहले ही ऐसे नियम बनाने की बात कर चुकी हैं जो भारतीय कंपनियों को अमेरिका में सूचीबद्ध होने की अनुमति देंगे।

नैस्डैक के अधिकारी ने कहा कि स्पष्ट रूप से अब पूरा ध्यान भारत पर है क्योंकि चीन में निवेश करना अधिक कठिन हो गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘वृद्धि और नौकरियां दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण हैं। ये अक्सर प्रारंभिक चरण की उच्च वृद्धि वाली कंपनियों से ही संभव हो सकता है। उन कंपनियों को बनाने और इनके सफल होने के लिए परिस्थितियां कभी-कभी कठिन होती है… हमारे पास ये अमेरिका में सिलिकॉन वैली में हैं। भारत के कुछ हिस्सों में यह है, लेकिन हम उस अवसर को व्यापक रूप देना चाहते हैं और एक-दूसरे से सीखना चाहते हैं।’’

First Published - November 15, 2023 | 3:35 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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