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पहले से ठंडे पड़े रियल एस्टेट पर और पड़ी मार

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Last Updated- December 07, 2022 | 2:01 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में की गई वृध्दि अप्रत्याशित नहीं है और पहले से ही अनुमान लगाया जा रहा था कि क्रेंद्रीय बैंक ब्याज दरों में वृध्दि कर सकता है।


इससे मांग में भी कमी आने की संभावना नहीं है। इसके अलावा घर खरीदने वालों को वे परियोजनाएं लुभाएगी जिनका उचित मूल्य है।
रवि रामू, निदेशक, पूर्वांकरा प्रोजेक्ट लिमिटेड

इससे होम लोन की दरों पर फिर दबाव पड़ेगा क्योंकि होम लोन की ब्याज दरें पहले से ही ऊंची हैं। इससे रियालटी कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ेगा।
सुनील मल्होत्रा, वीपी, ओमेक्स

इस बार रेसिडेंशियल यूनिट से ज्यादा असर कॉमर्शियल सेगमेंट की ओर से आने वाली मांग पर पड़ेगा। इस बढ़ोतरी से 15 से 20 साल की होम लोन की ईएमआई में 500 से 700 का इजाफा होगा जिसका सीधा असर रेसिडेंशियल सेगमेंट की ओर से आने वाली मांग पर पड़ेगा।
बीपी डाका, मुख्य वित्तीय अधिकारी , पार्श्वनाथ डेवलपर्स

इससे ब्याज दरों पर सीधा असर पडेग़ा। अर्थव्यवस्था पर छाई मंदी और बढ़ेगी। कारपोरेट को अपनो खर्चों में कटौती करनी पड़ेगी।
अनिल सुरेखा, कार्यकारी अधिकारी , इस्पात इंड्रस्टीज

इससे वाहनों की बिक्री पर सीधा असर पडेग़ा। रबर के दाम पहले से ही बहुत ज्यादा हैं और अब ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद रबर कंपनियों का मार्जिन प्रभावित होगा।
पारस चौधरी, प्रबंध निदेशक, सिएट लिमिटेड

इस बढ़ोतरी का हमारी कंपनी पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा क्योंकि हम कर्ज पर ज्यादा आधारित नहीं हैं। लेकिन कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से मार्जिन असर जरुर पड़ेगा।  हालांकि इससे उपभोक्ताओं की मांग पर असर पड़ने नहीं जा रहा है।
जयेश शाह, मुख्य वित्त्तीय अधिकारी , अरविंद लिमिटेड

रेपो रेट में 0.5 फीसदी की बढ़ोतरी की मुझे कल्पना नहीं थी। इसका सबसे ज्यादा असर उपभोक्ता आधारित वस्तुओं,ऑटोमोबिल सेक्टर और रियालटी सेक्टर पर पड़ेगा।
एम.एम. मियाजीवाला, वाइस प्रेसीडेंट ( फाइनेंस) , वोल्टास

बैंकों द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद होम लोन की मांग पर असर पडेग़ा। घर खरीदने वालों की क्षमता इससे सीधे प्रभावित होगी। रियल एस्टेट डेवलेपर्स को मांग को रोकने के लिए खुद के प्रयास करने होंगे।
जे. सी. शर्मा, प्रबंध निदेशक, शोभा डेवलपर्स

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First Published - July 29, 2008 | 10:52 PM IST

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