facebookmetapixel
Zomato हर महीने 5,000 गिग वर्कर्स को नौकरी से निकालता है, 2 लाख लोग खुद छोड़ते हैं काम: गोयलनया इनकम टैक्स कानून कब से लागू होगा? CBDT ने बताई तारीख, अधिकारियों से तैयार रहने को कहाUS Venezuela Attack: वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई: वैश्विक तेल आपूर्ति पर क्या असर?GST में बदलाव के बाद भी SUV की यूज्ड कार मार्केट पर दबदबा बरकरार, युवा खरीदारों की पहली पसंदक्या बीमा कंपनियां ग्राहकों को गलत पॉलिसी बेच रही हैं? IRDAI ने कहा: मिस-सेलिंग पर लगाम की जरूरतजिस तरह अमेरिका ने वेनेजुएला से मादुरो को उठा लिया, क्या उसी तरह चीन ताइवान के साथ कर सकता है?कहीं आपकी जेब में तो नहीं नकली नोट? RBI ने बताया पहचानने का आसान तरीकाकई बड़े शहरों में नहीं बिक रहे घर! मेट्रो सिटी में अनसोल्ड घरों का लगा अंबार, 2025 में आंकड़ा 5.7 लाख के पारMCap: शेयर बाजार की तेजी में टॉप 7 कंपनियों का मुनाफा, ₹1.23 लाख करोड़ बढ़ा मार्केट कैपसाल की शुरुआत में FPIs ने निकाले 7,608 करोड़, विदेशी निवेशक रहे सतर्क

वृद्धि दर अनुमान के नीचे जाने का जोखिम नहीं: अजय सेठ

सरकार का पूंजीगत व्यय पिछले साल के मुकाबले अधिक रहेगा; ई-वे बिल और अन्य संकेतकों से आर्थिक स्थिरता के संकेत।

Last Updated- November 20, 2024 | 11:25 PM IST
Indian economy

आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ ने बुधवार को कहा कि देश की आर्थिक वृद्धि भले ही सितंबर तिमाही में धीमी हुई है, लेकिन कुल मिलाकर चालू वित्त वर्ष में 6.5 से 7.0 प्रतिशत की वृद्धि दर में ज्यादा गिरावट का जोखिम नहीं है। आर्थिक समीक्षा में चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर 6.5 से 7.0 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

सरकार के पूंजीगत व्यय में चालू वित्त वर्ष के लक्ष्य 11.11 लाख करोड़ रुपये की तुलना कुछ कमी देखी जा सकती है। लेकिन पूंजीगत व्यय पिछले वित्त वर्ष के 9.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहेगा। सेठ ने फिक्की के कार्यक्रम में कहा, ‘आप कुछ अन्य संकेतकों को देखते हैं। विशेष रूप से मैं अक्टूबर में ई-वे बिल या ई-चालान के संदर्भ में देख रहा हूं।

वे एक अलग संख्या बताते हैं। इससे यह संकेत नहीं मिलता है कि वर्ष की शुरुआत में अनुमानित 6.5-7 प्रतिशत वृद्धि के अनुमान के नीचे जाने का कोई जोखिम है।’ वित्त वर्ष 2024-25 की अप्रैल-जून अवधि में देश की आर्थिक वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रही है। हालांकि, यह पांच तिमाहियों में सबसे धीमी वृद्धि है, लेकिन इस वृद्धि के साथ भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। देश की आर्थिक वृद्धि दर वित्त वर्ष 2023-24 में 8.2 प्रतिशत रही थी।

First Published - November 20, 2024 | 11:25 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट