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सेवा शुल्क पर एजेंसियों को देना पड़ सकता है जीएसटी

Last Updated- December 12, 2022 | 12:08 AM IST

सरकारी और निजी एजेंसियों को सरकार के लिए संग्रह किए गए सेवा शुल्क पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का भुगतान करना पड़ सकता है, जो वह ग्राहकों से वसूलती हैं।
एएमआरजी ऐंड एसोसिएट्स के सीनियर पार्टनर रजत मोहन ने कहा कि अथॉरिटी आफ एडवांस रूलिंग (एएआर), तेलंगाना ने प्रावधान किया है कि एजेंसी द्वारा सरकार की ओर से लिए गए ई-खरीद लेन-देन शुल्क पर जीएसटी देय होगा। एएआर ने यह भी प्रावधान किया है कि सरकार को सेवा प्रदान करने वाली एजेंसी हो या सरकार के हवाले से सेवा प्रदान करने वाली एजेंसी, जीएसटी से छूट के दायरे में नहीं आती।
यह मामला तेलंगाना राज्य तकनीकी सेवा लिमिटेड (टीएसटीएसएल) से जुड़ा हुआ है। यह सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है और तेलंगाना सरकार की सर्विस एजेंसी है। इसका विभाग सूचना तकनीक व संबंधित सेवाएं मुहैया कराता है। टीएसटीएस ई-खरीद प्रक्रिया को लागू करने का काम फंड प्रबंधक के रूप में करती है। यह काम तेलंगाना आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड कम्युनिकेशन विभाग की ओर से होता है।
टीएसटीएस फंड प्रबंधक के रूप में पूरी राशि जैसे ई-खरीद लेनदेन शुल्क एक निर्धारित बैंक खाते में लेती है। ई-खरीद लेनदेन शुल्क की प्राप्ति पर टीएसटीएस पूरे शुल्क पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी का भुगतान मासिक आधार पर करती है। टीएसटीएस ने सेवा शुल्क पर अपना हिस्सा तय किया है और वह उसके बाद फिर 18 प्रतिशत की दर से मासिक आधार पर जीएसटी का भुगतान करती है। शेष राशि का इस्तेमाल आईटी खर्च में किया जाता है।

First Published - October 19, 2021 | 11:17 PM IST

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