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कोविड के कारण छंटनी नहीं करेगी विप्रो

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Last Updated- December 15, 2022 | 4:53 AM IST

प्रमुख आईटी सेवा कंपनी विप्रो कोविड वैश्विक महामारी के कारण अपने किसी भी कर्मचारी की छंटनी नहीं करेगी। कंपनी के चेयरमैन रिशद प्रेमजी ने कहा कि लागत को नियंत्रित करने के लिए किए जा रहे विभिन्न उपायों के बावजूद निकट भविष्य में ऐसी कोई योजना नहीं है।
सोमवार को वर्चुअल तरीके से आयोजित कंपनी की 74वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) को संबोधित करते हुए प्रेमजी ने कहा कि विप्रो ने एच-1बी वीजा पर निर्भरता के जोखिम से खुद को अलग कर लिया है और अमेरिका में उसके 70 फीसदी से अधिक कर्मचारी स्थानीय लोग हैं।
पिछले साल अपने पिता और विप्रो के संस्थापक अजीम प्रेमजी से चेयमैन पद का कार्यभार संभालने वाले प्रेमजी ने कहा, ‘वैश्विक महामारी के कारण हमने एक भी कर्मचारी की छंटनी नहीं की है। किसी भी कर्मचारी की छंटनी के लिए हमारे पास कोई योजना नहीं है।’ कंपनी के अनुसार, उसके 95 फीसदी से अधिक कर्मचारी अपने घर से काम कर रहे हैं। प्रेमजी ने कहा, ‘हम निश्चित तौर पर घर से काम करेंगे और सभी को दफ्तर आना संभव नहीं हो सकता। अगले 12 से 18 महीनों के दौरान हम अपने परिचालन मॉडल को निर्धारित कर लेंगे।’
हालांकि वार्षिक आम बैठक के दौरान कनेक्टिविटी संबंधी कुछ बाधाएं दिखीं लेकिन अधिकतर शेयरधारकों ने कोविड वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई के लिए कंपनी द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। यहां तक की कुछ लोगों ने रिशद प्रेमजी की प्रशंसा करते हुए उन्हें ‘योग्य पिता का योग्य पुत्र’ कहा। हालांकि कंपनी बोर्ड को कुछ सख्त सवालों का भी सामना करना पड़ा। कुछ शेयरधारकों ने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले कंपनी के कमजोर प्रदर्शन और सीईओ के बार-बार बदलने से संबंधित सवाल भी पूछे। कंपनी के एक शेयरधारक सदानंद शास्त्री ने पूछा, ‘क्या विप्रो द्वारा अपने सीईओ को बार-बार बदले जाने से उसका प्रदर्शन प्रभावित नहीं हो रहा? साथ ही कुछ खबरों में कहा गया है कि नए सीईओ को उद्योग में सबसे अधिक वेतन दिया जा रहा है।’ कंपनी के चेयरमैन रिशद प्रेमजी ने शेयरधारकों द्वारा पूछे गए सवालों का उचित जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व सीईओ आबिदअली नीमचवाला ने व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दे दिया था और इसलिए नए सीईओ की नियुक्ति आवश्यक हो गई थी।
कंपनी के नए सीईओ थिएरी डेलापोर्टे के वेतन भत्ते के बारे में प्रेमजी ने कहा कि उनके वेतन भत्ते का दो तिहाई हिस्सा प्रदर्शन पर आधारित है। उन्होंने कहा, ‘इसलिए यदि कंपनी अच्छा प्रदर्शन करेगी तो उसका लाभ सभी शेयरधारकों को मिलेगा।’ विप्रो की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, उसके नए सीईओ डेलापोर्टे की आय सालाना 40 करोड़ रुपये तक हो सकती है।
इस बीच, बेंगलूरु की इस आईटी कंपनी के नए सीईओ ने जोर देकर कहा कि आगामी वर्र्षों में कंपनी लाभप्रद वृद्धि पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित करेगी। नए सीईओ ने 6 जुलाई को अपना पदभार संभाला था।

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First Published - July 14, 2020 | 1:01 AM IST

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