facebookmetapixel
Advertisement
थोक जमा नियमों में आरबीआई का बदलाव, सभी ग्राहकों को मिलेगी समान ब्याज दर की जानकारी15 साल में मजबूत हुई ग्रामीण अर्थव्यवस्था, मौसम का असर पहले से कम: आरबीआई डिप्टी गवर्नरब्रांड वैल्यू में शाहरुख खान नंबर-1, विराट कोहली को पीछे छोड़ हासिल किया पहला स्थानवीजा की बेंगलूरु में बड़ी छंटनी, 1,400 कर्मचारियों की गई नौकरी; एआई पर बढ़ते फोकस का असरई-कॉमर्स निर्यात के लिए विदेशी कंपनियों को बनानी होगी अलग यूनिट एक्सचेंजों पर बंद भाव में बड़ा अंतर ट्रेडरों के लिए कमाई का मौका, आर्बिट्राज ट्रेडिंग में आई तेजीटाटा संस फिलहाल अपर लेयर एनबीएफसी में रहेगी, सीआईसी लाइसेंस पर फैसला बाकीRBI MPC Meet: रीपो रेट 5.25% पर बरकरार, ग्रोथ अनुमान बढ़ाया, महंगाई आउटलुक घटायाडिजिटल रुपये की बढ़ी रफ्तार, सीबीडीसी और यूएलआई का दायरा लगातार बढ़ा: आरबीआईUPI पर MDR लागू होगा या नहीं? RBI गवर्नर बोले- अभी चर्चा करना जल्दबाजी

विप्रो इन्फ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग करेगी पीएआरआई का अधिग्रहण

Advertisement
Last Updated- December 14, 2022 | 8:22 PM IST

दुनिया की शीर्ष 10 स्वचालन कंपनी बनने के उद्देश्य से विप्रो की औद्योगिक स्वचालन इकाई विप्रो इन्फ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग ने देश की सबसे बड़ी स्वचालन कंपनी प्रेसिजन ऑटोमेशन ऐंड रोबोटिक्स इंडिया (पीएआरआई) के अधिग्रहण के लिए एक निश्चित समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। बेंगलूरु की कंपनी ने इस अधिग्रहण के लिए वित्तीय खुलासा फिलहाल नहीं किया है।
विप्रो इन्फ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग ऑटोमेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं कारोबार प्रमुख जी सुंदररामन ने कहा, ‘पीएआरआई के अधिग्रहण से डोमेन विशेषज्ञता, तकनीकी दक्षता और ग्राहक केंद्रित स्वचालन समाधान उपलब्ध होगा।’
इसके साथ ही विप्रो इन्फ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग ऑटोमेशन को औद्योगिक स्वचालित समाधान के लिए इंजीनियरिंग, अंतरिक्ष, रेलवे और फार्मा एवं एफएमसीजी जैसे हाइब्रिड उद्योगों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी।
पीएआरआई सालाना 500 करोड़ रुपये के कुल कारोबार के साथ देश की सबसे बड़ी स्वचालन कंपनी है। कंपनी फोर्ड, सुजूकी, रेनो, डेमलर आदि वैश्विक कंपनियों को एंड टु एंड स्वचालन समाधान उपलब्ध कराती है। भारत में उसके प्रमुख ग्राहकों में टाटा मोटर्स और मारुति जैसी वाहन कंपनियां शामिल हैं।
पीएआरआई के प्रबंध निदेशक मंगेश काले ने कहा, ‘हम स्वचालित कार पार्किंग समाधान, रियल एस्टेट एवं लॉजिस्टिक कंपनियों को स्वचालित वेयरहाउसिंग समाधान भी प्रदान करते हैं।’
कोविड-19 वैश्विक महामारी के प्रकोप के बावजूद स्वचालन उद्योग में संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं क्यांकि उत्पाद कहीं अधिक जटिल होते जा रहे हैं। भारत में इसका बाजार करीब 3 अरब डॉलर का है जो सालाना 17 से 18 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। काले ने कहा, ‘यह एक टिकाऊ वृद्धि है जो आगामी वर्षों में भी बरकरार रहेगी।’
पीएआरआई ने दुनिया भर में 75 से अधिक वैश्विक ग्राहकों के यहां 1,500 से अधिक स्वचालित प्रणालियां स्थापित की है। कंपनी ने पुणे और डेट्रॉयट में अपनी फैक्टरियों के जरिये इन स्वचालित प्रणालियों को स्थापित किया है। पीएआरआई के अध्यक्ष एवं संयुक्त प्रबंध निदेशक रंजीत दाते ने कहा, ‘हमने अत्याधुनिक तकनीक पर तैयार भरोसेमंद स्वचालन समाधान उपलब्ध कराया है। विप्रो का हिस्सा होने से हमें नवाचार एवं ग्राहक केंद्रित समधान प्रदान करने में काफी मदद मिलेगी।’
विप्रो की औद्योगिक स्वचालन इकाई ने हाल में समाज पर कोविड का बोझ कम करने में मददगार तीन परियोजनाएं विकसित की है। उसने एक सैनिटाइनजेशन वॉकवे बनाया है जिसे क्लीनवॉक नाम दिया गया है। यह घरों के भीतर स्वचालित तौर पर चलने वाला एक वाहन है जो अस्पतालों में कोविड-19 रोगियों तक खाना और दवा पहुंचाने में मदद करता है।

Advertisement
First Published - December 10, 2020 | 11:43 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement