facebookmetapixel
Advertisement
रूसी तेल खरीद पर भारत पर 100% अमेरिकी शुल्क का प्रस्ताव, संशोधित प्रतिबंध विधेयक से बढ़ सकती है चुनौतीकैबिनेट ने सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 को दी मंजूरी, ₹1.27 लाख करोड़ की योजना से चिप और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बूस्ट ₹250 वाली छोटी SIP का बढ़ा दायरा, लेकिन निवेश बंद होने की दर अब भी चिंता का विषयEditorial: सेवा उत्पादन सूचकांक से मिलेगी अर्थव्यवस्था की सटीक तस्वीरमानव पूंजी की खाई पाटे बिना अधूरा रहेगा भारत का विकासAI से एंट्री-लेवल नौकरियों पर खतरा, स्किलिंग बनी राष्ट्रीय प्राथमिकताInstamart-HPCL की साझेदारी, अब ऑन-डिमांड मिलेगी 10 किलो HP Navya LPG सिलिंडर की डिलिवरीAI से खुलेंगे आईटी कंपनियों के लिए नए अवसर, ग्राहकों को बदलाव में मदद करने की बेहतर स्थिति में हैं: प्रेमजीCCI के समझौता ढांचे को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती, उपभोक्ताओं के अधिकारों की अनदेखी का आरोपIPO प्राइस से नीचे फिसला SpaceX का शेयर, निवेशकों की बढ़ी चिंता; वैल्यूएशन पर फिर उठे सवाल

चीनी कर्मचारियों की वापसी के बावजूद भारत में Foxconn के कामकाज पर नहीं होगा बड़ा असर

Advertisement

फॉक्सकॉन और उसके क्लाइंट Apple भारत में iPhone उत्पादन को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि भारी ट्रंप टैरिफ के असर को कम किया जा सके

Last Updated- September 12, 2025 | 3:26 PM IST
Foxconn
Representational Image

भारत को उम्मीद है कि आईफोन (iPhone) असेंबल करने वाली कंपनी फॉक्सकॉन (Foxconn) के संचालन पर चीन से कुछ कर्मचारियों की वापसी का बड़ा असर नहीं पड़ेगा। रॉयटर्स के मुताबिक, यह बात इस सप्ताह भारत सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने कही।

भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने ताइपे में पत्रकारों से कहा, “हालांकि कुछ चीनी कर्मचारियों को वापस लौटना पड़ा क्योंकि उन्हें लौटने के लिए कहा गया था, लेकिन संचालन पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा।”

उन्होंने आगे कहा, “फॉक्सकॉन पिछले पांच साल से चेन्नई के पास अपने प्लांट में है और बेंगलुरु के पास एक नया प्लांट भी आ रहा है। इसलिए उन्होंने वहां मौजूद कुछ कर्मचारियों, ताइवान और अमेरिका से आए लोगों के साथ कामकाज को संभाल लिया।”

जुलाई में ब्लूमबर्ग न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, फॉक्सकॉन (जिसका औपचारिक नाम होन हाई प्रिसिजन इंडस्ट्री है) ने सैकड़ों इंजीनियरों और तकनीशियनों को चीन लौटने के लिए कहा था।

भारत में iPhone उत्पादन को बढ़ाने की कोशिश

फॉक्सकॉन और उसके क्लाइंट Apple भारत में iPhone उत्पादन को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की ओर से चीनी सामान पर लगाए जाने वाले भारी टैरिफ के असर को कम किया जा सके। हालांकि ये टैरिफ अभी रुके हुए हैं क्योंकि बीजिंग और वॉशिंगटन व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं।

अधिकांश iPhone, जिन्हें फॉक्सकॉन Apple के लिए बनाता है, चीन में ही असेंबल होते हैं। कृष्णन ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि चीन से कर्मचारियों को क्यों वापस बुलाया गया। फॉक्सकॉन ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जबकि Apple की ओर से भी तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

2020 में भारत ने चीनी निवेश पर लगाई पाबंदी

भारत और चीन के बीच तनाव 2020 में हिमालयी सीमा पर हुई सैन्य झड़प के बाद बढ़ गया था। इसके बाद भारत ने चीनी निवेश पर पाबंदी लगाई, सैकड़ों लोकप्रिय चीनी ऐप्स पर बैन लगाया और दोनों देशों के बीच हवाई यात्री सेवाएं घटा दीं।

हालांकि हाल के महीनों में रिश्तों में सुधार देखने को मिला है। पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सात साल बाद चीन की यात्रा के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। कृष्णन ने कहा, “हमारी समझ है कि फॉक्सकॉन भारत में किए गए सभी निवेश पूरे करने के लिए प्रतिबद्ध है… उनका भारत में विस्तार काफी बड़ा रहा है।”

Advertisement
First Published - September 12, 2025 | 3:26 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement