facebookmetapixel
Advertisement
Bharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमण

India’s Retail Inflation: अगस्त में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 2.07% पर, खाने-पीने की कीमतों में तेजी से बढ़ा दबाव

Advertisement

MoSPI के आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2025 में खुदरा महंगाई 2.07 फीसदी रही, जो खाने-पीने की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी और बेस इफेक्ट घटने से बढ़ी

Last Updated- September 12, 2025 | 5:14 PM IST
Indian Market
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

अगस्त 2025 में भारत की रिटेल महंगाई दर बढ़कर 2.07 फीसदी हो गई। जुलाई में यह 1.55 फीसदी थी। यह जानकारी सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने शुक्रवार को जारी की। पिछले नौ महीनों तक महंगाई लगातार कम हो रही थी। जुलाई में यह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के 2 से 6 फीसदी के लक्ष्य से भी काफी नीचे थी। जुलाई की 1.55 फीसदी महंगाई दर जून 2017 के बाद सबसे कम थी। जून 2025 की तुलना में जुलाई में महंगाई 55 बेसिस पॉइंट घटी थी।

अगस्त में खाद्य महंगाई दर -0.69 फीसदी रही। यह जुलाई की तुलना में 107 बेसिस पॉइंट ज्यादा है। ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई -0.70 फीसदी रही, जो जुलाई में -1.74 फीसदी थी। शहरी इलाकों में यह दर -0.58 फीसदी रही, जो पिछले महीने -1.90 फीसदी थी। मंत्रालय के मुताबिक, सब्जियों, मांस, मछली, तेल और वसा, और अंडों की कीमतों में बढ़ोतरी इसकी मुख्य वजह रही।

ग्रामीण इलाकों में कुल महंगाई दर अगस्त में 1.69 फीसदी रही, जो जुलाई में 1.18 फीसदी थी। वहीं, शहरी इलाकों में यह 2.47 फीसदी रही, जो पिछले महीने 2.10 फीसदी थी।

Also Read: 50% अमेरिकी टैरिफ के बाद भारतीय निर्यात संगठनों की RBI से मांग: हमें राहत और बैंकिंग समर्थन की जरूरत

राज्यों में महंगाई का हाल

राज्यों की बात करें तो केरल में अगस्त में सबसे ज्यादा 9.04 फीसदी महंगाई दर दर्ज की गई। इसके बाद कर्नाटक में 3.81 फीसदी, जम्मू-कश्मीर में 3.75 फीसदी, पंजाब में 3.51 फीसदी और उत्तराखंड में 2.90 फीसदी महंगाई रही। दूसरी ओर, असम और ओडिशा जैसे कुछ राज्यों में निगेटिव महंगाई देखी गई। यानी वहां कीमतें पिछले साल की तुलना में घटीं।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो स्वास्थ्य क्षेत्र में महंगाई सबसे ज्यादा रही। अगस्त में यह 4.40 फीसदी थी, जो जुलाई में 4.57 फीसदी थी। हाउसिंग महंगाई, जो सिर्फ शहरी इलाकों के लिए मापी जाती है, अगस्त में 3.09 फीसदी रही। यह जुलाई में 3.17 फीसदी थी। परिवहन और संचार की महंगाई दर 1.94 फीसदी रही, जो जुलाई में 2.12 फीसदी थी। ईंधन और बिजली की महंगाई भी घटी। यह अगस्त में 2.43 फीसदी रही, जबकि जुलाई में 2.67 फीसदी थी।

ये आंकड़े दर्शाते हैं कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी ने महंगाई को बढ़ाया है। हालांकि, कुछ सेक्टरों में महंगाई दर में कमी भी देखी गई।

Advertisement
First Published - September 12, 2025 | 4:16 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement