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रिलायंस कमर्शियल फाइनैंस के लिए मतदान

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Last Updated- December 12, 2022 | 3:48 AM IST

रिलायंस होम फाइनैंस लिमिटेड (आरएचएफएल) के ऋण समाधान पर मतदान फिलहाल जारी है लेकिन भारतीय लेनदारों ने रिलायंस कैपिटल की गैर-बैंकिंग फाइनैंस इकाई रिलायंस कमर्शियल फाइनैंस (आरसीएफएल) के लिए सबसे बड़े बोलीदाता के चयन के लिए मतदान की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बैंकिंग सूत्रों ने बताया कि बोलीदाता के चयन के लिए मतदान की प्रक्रिया 25 जून को खत्म हो जाएगी। इसके साथ ही अनिल अंबानी समूह की कंपनी के 9,000 करोड़ रुपये के एक अन्य ऋण का समाधान हो जाएगा। आरसीएफएल के लिए चार बोलीदाताओं में ऑथम इन्फ्रास्ट्रक्चर ऐंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड, हॉक कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड के साथ कंसोर्टियम में यूवी एआरसी, इनवेंट एआरसी और अलकेमिस्ट एआरसी शामिल हैं। रिलायंस कैपिटल की इन दोनों सहायक इकाइयों ने ऋण की अदायगी में चूक की थी। इस पर बैंकों ने दोनों कंपनियों के खिलाफ भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से 7 जून 2019 को प्रूडेंशियल फ्रेमवर्क फॉर रिजॉल्यूशन ऑफ स्ट्रेस्ड ऐसेट्स डायरेक्शंस 2019 पर जारी परिपत्र के अनुसार ऋण समाधान प्रक्रिया शुरू की थी। रिलायंस होम फाइनैंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनैंस के अलावा प्रवर्तक कंपनी रिलायंस कैपिटल ने भी बैंक ऋण की अदायगी में चूक की थी। इसलिए रिलायंस कैपिटल की परिसंपत्तियों की बिक्री के लिए अलग से एक प्रक्रिया चल रही है। लेनदार बीमा कंपनियों एवं कई अन्य परिसंपत्तियों की बिक्री कर रहे हैं जिसमें रिलायंस कैपिटल की रियल एस्टेट परिसंपत्तियां भी शामिल हैं।
ऋण की अदायगी में चूक करने पर रिलायंस कम्युनिकेशंस और रिलायंस नेवल ऐंड इंजीनियरिंग लिमिटेड सहित अनिल अंबानी समूह की कई कंपनियों को भारतीय लेनदारों द्वारा दिवालिया अदालतों में घसीटा गया है। हालांकि मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज रिलायंस कम्युनिकेशंस की सहायक इकाई रिलायंस इन्फ्राटेल के लिए सबसे बड़ी बोलीदाता के तौर पर उभरी है जबकि रिलायंस कम्युनिकेशंस के लिए यूवी एआरसी सबसे बड़ी बोलीदाता के तौर पर उभरी है। बाद में आरबीआई ने स्पष्ट किया कि दिवालिया अदालतों में मौजूद कंपनियों के लिए परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियां बोली नहीं लगा सकती हैं।

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First Published - June 10, 2021 | 11:29 PM IST

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