facebookmetapixel
Advertisement
अब नहीं चलेगा जबरन बीमा-MF बेचने का खेल, RBI ने कसा शिकंजाअकासा एयर को बड़ा झटका, सह-संस्थापक प्रवीण अय्यर का इस्तीफामुंबई को मिलेगा ‘अमैन’ का शानदार होटल, ओबेरॉय रियल्टी के साथ डील पक्कीव्यापार समझौतों से खुलेगा ‘विकसित भारत’ का रास्ता, ट्रंप टैरिफ के बीच अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूतीEditorial: 2070 तक नेट जीरो के लिए नीति आयोग का महाप्लानAmazon का नया कीर्तिमान: 2025 में प्राइम मेंबर्स को मिली सुपरफास्ट डिलिवरी, 55 करोड़ पैकेट पहुंचे घरIndia-US Trade डील पर बड़ा अपडेट: $500 अरब की खरीद योजना पर अमेरिका के बदले सुरकैंसर के इलाज में जाइडस को बड़ी राहत: SC ने ‘निवोलुमैब’ दवा की बिक्री पर रोक लगाने से किया इनकारभारत में दौड़ी इलेक्ट्रिक वाहनों की रफ्तार: जनवरी में पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री 54% उछलीSME IPO में धांधली पर SEBI सख्त: चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने बाजार हेरफेर और गबन पर जताई चिंता

Foxconn के हटने पर Vedanta चेयरमैन ने दिया बड़ा बयान, कहा- सेमीकंडक्टर बनाने के लिए कई कतार में

Advertisement

Foxconn ने हालांकि कहा कि वह सरकार की सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग योजना के तहत आवेदन करना चाहती है

Last Updated- July 12, 2023 | 6:50 PM IST
Semiconductor

वेदांता समूह (Vedanta Group) की सेमीकंडक्टर परियोजना से ताइवानी साझेदार फॉक्सकॉन (Foxconn) के अलग होने के बाद कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बुधवार को कहा कि इस उपक्रम के लिए कई भागीदार तैयार हैं।

पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार, सेमीकंडक्टर प्लांट के लिए 19.5 अरब डॉलर का निवेश किया जाना था। उन्होंने कहा कि वेदांता इस साल चिप विनिर्माण के क्षेत्र में प्रवेश करेगी।

अग्रवाल ने हालांकि नए साझेदार के नाम का खुलासा नहीं किया। होन हाई टेक्नोलॉजी ग्रुप (Hon Hai Technology Group), जिसे फॉक्सकॉन के नाम से भी जाना जाता है, ने इस सप्ताह की शुरुआत में वेदांता के साथ चिप मेकिंग के संयुक्त उद्यम से हाथ खींच लिया था।

Foxconn ने हालांकि कहा कि वह सरकार की सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग योजना के तहत आवेदन करना चाहती है। वेदांता ने पिछले सप्ताह कहा था कि वह समूह की एक कंपनी से सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले ग्लास इकाइयों का अधिग्रहण करेगी।

दुनिया के ज्यादातर चिप कुछ देशों में ही बनाए जाते हैं, और भारत इस क्षेत्र में काफी देरी से प्रवेश कर रहा है। इनका इस्तेमाल मोबाइल फोन से लेकर रेफ्रिजरेटर और कारों तक, कई तरह के उपकरणों में होता है।

अग्रवाल ने वेदांता के शेयरधारकों की वार्षिक बैठक में कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में एक बड़ा अवसर है क्योंकि भारत हर साल 100 अरब डॉलर मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक्स का आयात करता है। इसमें 30 अरब डॉलर के सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले ग्लास शामिल हैं।

उन्होंने फॉक्सकॉन के पीछे हटने का जिक्र किए बिना कहा, ‘हमने अपने सेमीकंडक्टर उद्यम के लिए साझेदार तैयार कर लिए हैं।’

उन्होंने आगे कहा, ‘इस साल कंपनी सेमीकंडक्टर फैब और डिस्प्ले फैब के क्षेत्र में कदम रखेगी। यह सरकारी मंजूरियों पर निर्भर करेगा।’ उन्होंने कहा कि वेदांता लिमिटेड ने भारत में अबतक 35 अरब डॉलर का निवेश किया है और कंपनी आने वाले वर्षों में विभिन्न कारोबार में ‘उल्लेखनीय निवेश’ करेगी।

अग्रवाल ने कहा कि समूह चालू वित्त वर्ष में 1.7 अरब डॉलर (14,000 करोड़ रुपये) का निवेश करेगा।

Advertisement
First Published - July 12, 2023 | 6:50 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement