कर्ज में डूबी रिलायंस कैपिटल लिमिटेड (RCL) के लिए बोली लगाने की समयसीमा 29 अगस्त को खत्म होने जा रही है। लेकिन इस बीच निवेशकों को कंपनी की सबसे मूल्यवान इकाई रिलायंस जनरल इंश्योरेंस यानी RGI कंपनी के शेयरों को लेकर बनी भ्रम की स्थिति ने चिंता में डाल दिया है।
दरअसल RCL की दिवालिया प्रक्रिया के तहत प्रशासक रिलायंस जनरल को भी लाना चाहता है। लेकिन सूत्रों की मानें तो आईडीबीआई ट्रस्टी ने समाधान प्रक्रिया के लिए जनरल इंश्योरेंस के शेयर जारी करने से इनकार कर दिया है। सूत्रों ने बताया कि रिलायंस जनरल के शेयरों को लेकर बनी भ्रम की स्थिति ने निवेशकों को बोलियां लगाने को लेकर असमंजस में डाल दिया है।
आईडीबीआई ट्रस्टीशिप जो क्रेडिट सुइस की ओर से डिबेंचर न्यासी के तौर पर काम कर रही है उसने रिलायंस जनरल में रिलायंस कैपिटल की शत-प्रतिशत हिस्सेदारी को नवंबर, 2019 में भुना लिया था।
इसके शेयर अपने खाते में स्थानांतरित कर दिए थे। इससे पहले कर्जदाताओं की समिति बोलियां देने की समयसीमा पांच बार बढ़ा चुकी है क्योंकि RCL की समाधान प्रक्रिया में केवल चार से पांच कंपनियों ने ही दिलचस्पी दिखाई। इनमें पीरामल, टॉरेंट, यस बैंक और इंडसइंड बैंक शामिल हैं।