facebookmetapixel
2025 में भारत के शीर्ष 20 स्टार्टअप ने फंडिंग में बनाई बढ़त, पर छोटे स्टार्टअप को करना पड़ा संघर्षReliance Q3FY26 results: आय अनुमान से बेहतर, मुनाफा उम्मीद से कम; जियो ने दिखाई मजबूतीभारत-जापान ने शुरू किया AI संवाद, दोनों देशों के तकनीक और सुरक्षा सहयोग को मिलेगी नई रफ्तारभारत अमेरिका से कर रहा बातचीत, चाबहार बंदरगाह को प्रतिबंध से मिलेगी छूट: विदेश मंत्रालयIndia-EU FTA होगा अब तक का सबसे अहम समझौता, 27 जनवरी को वार्ता पूरी होने की उम्मीदStartup India के 10 साल: भारत का स्टार्टअप तंत्र अब भी खपत आधारित बना हुआ, आंकड़ों ने खोली सच्चाई‘स्टार्टअप इंडिया मिशन ने बदली भारत की तस्वीर’, प्रधानमंत्री मोदी बोले: यह एक बड़ी क्रांति हैसरकार की बड़ी कार्रवाई: 242 सट्टेबाजी और गेमिंग वेबसाइट ब्लॉकआंध्र प्रदेश बनेगा ग्रीन एनर्जी का ‘सऊदी अरब’, काकीनाडा में बन रहा दुनिया का सबसे बड़ा अमोनिया कॉम्प्लेक्सBMC Election: भाजपा के सामने सब पस्त, तीन दशक बाद शिवसेना का गढ़ ढहा

टाटा स्टील का शुद्ध लाभ 139 फीसदी बढ़ा

Last Updated- December 11, 2022 | 9:25 PM IST

टाटा स्टील ने शुक्रवार को एकीकृत शुद्ध लाभ में 139 फीसदी की उछाल का ऐलान किया और उसका लाभ दिसंबर तिमाही में 9,598 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ 4,011 करोड़ रुपये रहा था।
दिसंबर तिमाही में कंपनी का एकीकृत मुक्त नकदी प्रवाह 6,338 करोड़ रुपये रहा जबकि कार्यशील पूंजी में 2,045 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। कंपनी का एकीकृत राजस्व इस दौरान 45 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 60,783 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो एक साल पहले की समान अवधि में 41,935 करोड़ रुपये रहा था।
कंपनी के मुख्य कार्याधिकारी व प्रबंध निदेशक टी वी नरेंद्रन ने कहा, आर्थिक सुधार की पृष्ठभूमि में भारत में स्टील की मांग में बढ़ोतरी शुरू हो गई है क्योंकि कोरोना की तीसरी लहर थमने लगी है। भारत में हमारी स्टील डिलिवरी इस वित्त वर्ष के पहले नौ महीने में 4 फीसदी बढ़ी। यूरोपीय परिचालन का प्रदर्शन भी बेहतर बना हुआ है।
कंपनी के कार्यकारी निदेशक और मुख्य वित्त अधिकारी कौशिक चटर्जी ने कहा, टाटा स्टील का परिचालन व वित्तीय मोर्चे पर मजबूत प्रदर्शन जारी है और दिसंबर तिमाही में सालाना आधार पर एबिटा 64 फीसदी बढ़ा जबकि कर पश्चात लाभ में 139 फीसदी की उछाल दर्ज हुई। तिमाही में नकदी प्रवाह के मोर्चे पर भी प्रदर्शन मजबूत रहा जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोयले की कीमतें बढ़ी और कार्यशील पूंजी की जरूरतों में भी इजाफा हुआ। बाजार में उतारचढ़ाव के बावजूद राजस्व 60,783 करोड़ रुपये पर स्थिर रहा, वहीं एबिटा 15,853 करोड़ ररुपये रहा, जो 26 फीसदी मार्जिन बताता है। साथ ही टाटा स्टील का एकल एबिटा मार्जिन 38 फीसदी रहा।

बैंक ऑफ इंडिया का लाभ 90 फीसदी बढ़ा
बैंंक ऑफ इंडिया का शुद्ध लाभ दिसंबर 2021 में समाप्त तीसरी तिमाही में 90 फीसदी की उछाल के साथ 1,027 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जिसकी वजह प्रावधान में आई भारी गिरावट रही। सितंबर 2021 में समाप्त दूसरी तिमाही में बैंंक का मुनाफा 1,051 करोड़ रुपये और दिसंबर 2020 में समाप्त तिमाही में 541 करोड़ रुपये रहा था।
बैंक का शेयर आज बीएसई पर 3.34 फीसदी की गिरावट के साथ 56.5 रुपये पर बंद हुआ। बैंंक की शुद्ध ब्याज आय इस अवधि में 8.8 फीसदी घटकर 3,408 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल की समान अवधि में 3,739 करोड़ रुपये रही थी। क्रमिक आधार पर भी शुद्ध ब्याज आय 3.2 फीसदी की गिरावट के साथ 3,523 करोड़ रुपये रही।
बैंंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन इस दौरान घटकर 2.27 फीसदी रह गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 2.58 फीसदी और सितंबर 2021 में समाप्त तिमाही में 2.42 फीसदी रहा था। गैर-ब्याज आय सालाना आधार पर 3.26 फीसदी घटकर 1,835 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल की समान अवधि में 1,897 करोड़ रुपये रही थी। क्रमिक आधार पर भी यह 14.1 फीसदी घटी।
बैंंक का प्रावधान काफी ज्यादा घटकर तीसरी तिमाही में 343 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 1,809 करोड़ रुपये रहा था और सितंबर में समाप्त तिमाही में 893 करोड़ रुपये था। बैंंक का सकल एनपीए दिसंबर 2021 में घटकर 10.46 फीसदी रह गया, जो एक साल पहले 13.25 फीसदी रहा था। क्रमिक आधार पर भी यह सितंबर 2021 के 12.2 फीसदी के मुकाबले घटा। बैंक के प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्याधिकारी ए के दास ने कहा कि बैक को मार्च 2022 तक सकल एनपीए 10 फीसदी से नीचे आने की उम्मीद है।
शुद्ध एनपीए हालांकि दिसंबर तिमाही में बढ़कर 2.66 फीसदी हो गया, जो एक साल पहले 2.46 फीसदी रहा था। सितंबर तिमाही में यह 2.79 फीसदी था।

बिड़ला कॉरपोरेशन का शुद्ध लाभ 59 फीसदी घटा
एमपी बिड़ला समूह की कंपनी बिड़ला कॉरपोरेशन का शुद्ध लाभ दिसंबर तिमाही में 59.3 फीसदी की गिरावट के साथ 60.45 करोड़ रुपये रह गया क्योंकि प्रमुख बाजारोंं मेंं सीमेंट की मांग घटी। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ 148.42 करोड़ रुपये रहा था।
तिमाही में कंपनी का राजस्व एक साल पहले की समान अवधि के 1,823 करोड़ रुपये के मुकाबले घटकर 1,757 करोड़ रुपये रह गया क्योंंकि बिक्री वॉल्यूम में 5.6 फीसदी की नरमी दर्ज हुई। इसका मतलब यह हुआ कि दिसंबर तिमाही में 86 फीसदी क्षमता का इस्तेमाल हुआ, जो एक साल पहले 92 फीसदी रहा था। कंपनी ने यह जानकारी दी।
हालांकि कंपनी ने कहा कि वह बिक्री की रकम 3.4 फीसदी प्रति टन ज्यादा वसूलने में कामयाब रही और यह एक साल पहले के 4,739 रुपये के मुकाबले दिसंबर तिमाही में 4,899 रुपये पर पहुंच गया। दिसंबर तिमाही में कंपनी के सीमेंट डिविजन का लाभ कमजोर मांग और वैरिएबल लागत में तेज बढ़ोतरी से काफी ज्यादा प्रभावित हुआ। बिजली व र्ईंधन लागत सालाना आधार पर प्रति टन 39 फीसदी बढ़ी और क्रमिक आधार पर 20 फीसदी। सीमेंट डिविजन का एबिटा प्रति टन एक साल पहले के 992 रुपये के मुकाबले घटकर 638 रुपये रह गया।

रिलायंस कैपिटल का घाटा कम हुआ
दिवाला कार्यवाही का सामना कर रही रिलायंस कैपिटल का दिसंबर 2021 को समाप्त तिमाही में एकीकृत शुद्ध घाटा कम होकर 1,759 करोड़ रुपये रह गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को 3,966 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। हालांकि घाटा सितंबर 2021 में खत्म तिमाही के मुकाबले बढ़ गया है, तब कंपनी को 1,156 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। रिलायंस कैपिटल ने शेयर बाजारों को दी जानकारी में कहा कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी की कुल आय 4,083 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की आय 4,890 करोड़ रुपये से कम है।
दिसंबर 2021 की तिमाही में कंपनी का खर्च 5,658 करोड़ रुपये रहा, जो उसकी कमाई से ज्यादा है। दिसंबर 2020 में उसका खर्च 8,662 करोड़ रुपये और सितंबर 2021 में खत्म तिमाही में 6,981 करोड़ रुपये था। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नवंबर 2021 में रिलायंस कैपिटल के निदेशक मंडल को हटा दिया था और नागेश्व राव वाई को इसका प्रशासक नियुक्त किया था। प्रशासक के काम में सहायता के लिए तीन सदस्यीय सलाहकार समिति का गठन किया गया था। दिसंबर माह की शुरुआत में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण के आदेश के बाद कंपनी के खिलाफ कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया शुरू की गई थी।

ल्यूपिन का शुद्ध लाभ 24.45 फीसदी बढ़ा
दवा निर्माता ल्यूपिन ने शुक्रवार को कहा कि 31 दिसंबर, 2021 को समाप्त चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान उसका एकीकृत शुद्ध लाभ 24.45 फीसदी बढ़कर 545.5 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। मुंबई से संचालित कंपनी ने एक बयान में कहा पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में उसने 438.3 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। ल्यूपिन ने बताया कि समीक्षाधीन अवधि में उसकी बिक्री बढ़कर 4,087.5 करोड़ रुपये हो गई, जो इससे एक साल पहले की समान तिमाही में 3,917.3 करोड़ रुपये थी। ल्यूपिन के प्रबंध निदेशक नीलेश गुप्ता ने कहा, हम बाजार में सतत वृद्धि के रास्ते पर हैं।

महिंद्रा लाइफस्पेस को तीसरी तिमाही में लाभ
रियल्टी फर्म महिंद्रा लाइफस्पेस डेवलपर्स लिमिटेड ने शुक्रवार को बताया कि दिसंबर 2021 में समाप्त तिमाही के दौरान उसका एकीकृत शुद्ध लाभ 24.86 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने इससे एक साल पहले की इसी अवधि में 9.68 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया था। महिंद्रा लाइफस्पेस ने शेयर बाजार को बताया कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में उसकी कुल आय घटकर 33.32 करोड़ रुपये रह गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 70.19 करोड़ रुपये थी। महिंद्रा लाइफस्पेस डेवलपर्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी अरविंद सुब्रमण्यम ने कहा कि पिछली कई तिमाहियों से आवासीय बिक्री में मजबूती देखने को मिल रही है और इस तिमाही में 140 करोड़ रुपये से अधिक के औद्योगिक पट्टे हुए।
इंडिगो को 130 करोड़ रुपये का मुनाफा
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 129.8 करोड़ रुपये रहा।
कंपनी ने शुक्रवार को शेयर बाजार को अपने तिमाही नतीजों की जानकारी दी। उसने कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 की समान तिमाही में उसे 620.1 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। इंटरग्लोब एविएशन की दिसंबर 2021 को समाप्त तिमाही में आय बढ़कर 9,294.8 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो एक साल पहले 2020-21 की इसी तिमाही में 4,910 करोड़ रुपये रही थी।
इंडिगो के मुख्य कार्याधिकारी रोनोजॉय दत्ता ने एक बयान में कहा, मुझे खुशी है कि हम तीसरी तिमाही में लाभ कमाने में सक्षम रहे। यह दर्शाता है कि हमारा व्यापार मॉडल मौलिक रूप से मजबूत है। इंटरग्लोब एविएशन ने एक अलग बयान में अपने सह-संस्थापक एवं प्रवर्तक राहुल भाटिया को तत्काल प्रभाव से कंपनी का प्रबंध निदेशक बनाए जाने की भी घोषणा की।
विमानन कंपनी ने कहा कि उसके के निदेशक मंडल की बैठक में भाटिया की नियुक्ति पर मुहर लगा दी गई है।      बीएस

First Published - February 4, 2022 | 11:13 PM IST

संबंधित पोस्ट