facebookmetapixel
महंगी बाइक के हैं शौकीन? हार्ले-डेविडसन समेत बड़ी बाइक्स होंगी सस्ती, लगेगी जीरो इंपोर्ट ड्यूटी150% का तगड़ा डिविडेंड! Q3 में अच्छी कमाई के बाद नवरत्न कंपनी का तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सस्टॉक मार्केट में मचेगी हलचल: अगले हफ्ते डिविडेंड-स्टॉक स्प्लिट-बोनस शेयर की बारिश, देखें पूरी लिस्टIndia US Trade Deal: फार्मा से ऑटो तक, अमेरिका में इन सेक्टरों की चमक बढ़ेगी कई गुनामार्केट में डिविडेंड की बारिश: अगले हफ्ते Hero, MRF, RVNL समेत 50 से अधिक कंपनियां बाटेंगी मुनाफापीयूष गोयल का दावा: अमेरिका के साथ ट्रेड डील से किसान, छोटे उद्योग और कारीगर रहेंगे सुरक्षितअगले हफ्ते रडार पर रहेगा यह शेयर! स्टॉक स्प्लिट से बढ़ेगी लिक्विडिटी, चेक करें पूरी डिटेल्सरिलायंस ने ऑस्ट्रेलिया की मशहूर हेल्थ ड्रिंक कंपनी खरीदी, अब Nexba और PACE भारत में!Bonus Issue: निवेशकों की चांदी! अगले हफ्ते ये 2 कंपनियां बांटने जा रही हैं बोनस शेयर, जानें रिकॉर्ड डेटभारत-अमेरिका व्यापार समझौते से ऑटो कंपोनेंट सेक्टर को मिली राहत, निर्यात में जबरदस्त तेजी की उम्मीद

समझौते के लिए फ्यूचर समूह और एमेजॉन में बातचीत जारी

अधिकरण के तीन सदस्यीय पीठ ने माना था कि फ्यूचर समूह ने रिलायंस के साथ लेनदेन कर एमेजॉन संग अपने अनुबंध का उल्लंघन किया था।

Last Updated- November 07, 2025 | 10:10 PM IST
Amazon

सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (एसआईएसी) के मध्यस्थता फैसले के बाद अब फ्यूचर समूह और ई-कॉमर्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एमेजॉन के बीच समझौते पर बातचीत की जा रही है। यह जानकारी दिल्ली उच्च न्यायालय को शुक्रवार को दी गई है। एसआईएसी ने फ्यूचर समूह को ई-कॉमर्स कंपनी को 23.7 करोड़ रुपये का हर्जाना देने का आदेश दिया है।

न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने मामले की सुनवाई 14 जनवरी, 2026 तक के लिए टाल दी है। फ्यूचर कूपन्स और किशोर बियाणी की पुत्री अश्नी बियाणी ने एसआईएसी के फैसले को चुनौती देने के लिए याचिका दायर की थी।

Also Read: Goldman Sachs ने भारत से रिकॉर्ड 49 प्रबंध निदेशक बनाए, बेंगलूरु बना कंपनी का ग्लोबल टेक हब

एसआईएसी ने इस साल जून में किशोर बियाणी के फ्यूचर समूह के साथ एमेजॉन के लंबे समय से चले आ रहे विवाद में उसके पक्ष में फैसला सुनाया था। अधिकरण ने फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) के घटते मूल्य का हवाला देते हुए एमेजॉन द्वारा मांगे गए 1,436 करोड़ रुपये के हर्जाने में से केवल 23.7 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया था। अधिकरण के तीन सदस्यीय पीठ ने माना था कि फ्यूचर समूह ने रिलायंस के साथ लेनदेन कर एमेजॉन संग अपने अनुबंध का उल्लंघन किया था।

First Published - November 7, 2025 | 10:05 PM IST

संबंधित पोस्ट