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स्टार्टअप का निवेश जुटाने के लिए संघर्ष

Last Updated- December 11, 2022 | 1:29 PM IST

मोहम्मद इरशाद ने एक विशेष निवेशक नेटवर्किंग कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सोमवार को को​च्चि से गुरुग्राम की उड़ान भरी। वह उन कुछ संस्थापकों में शामिल थे जिन्हें ऐंजलबे, इेवेशन कैपिटल और इन्फ्लेक्शन पॉइंट वेंचर्स जैसे प्रमुख उद्यम पूंजी निवेशकों के सामने फं​डिंग के लिए अपने लर्निंग स्टार्टअप नोटस्पीडिया के लिए निवेश आक​र्षित करने का मौका मिला था। 
हालांकि उन्हें वहां निवेशकों को लुभाने में चुनौती का सामना करना पड़ा। लेकिन यह उत्साही उद्यमी अपनी निवेश तलाश बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध था। मंगलवार को उन्होंने नैस्कॉम प्रोडक्ट कॉन्क्लेव 2022 में शामिल होने के लिए बेंगलूरु की उड़ान भरी, और वहां उन्हें निवेश लुभाने की राह में सैकड़ों अन्य स्टार्टअप से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ी।  
नोटस्पीडिया के मुख्य कार्या​धिकारी मोहम्मद इरशाद ने कहा, ‘हमें उद्यम पूंजी निवेशकों से प्रतिक्रिया मिली कि वे फिलहाल एडटेक क्षेत्र में निवेश करना नहीं चाहते हैं।’ इरशाद ने कहा, ‘स्टार्टअप फंडिंग में नरमी दर्ज कर रहे हैं और यह एडटेक कंपनियों के लिए अन्य सेगमेंटों के मुकाबले ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है।’
इरशाद भारत में उन हजारों स्टार्टअप में शामिल हैं जो कोष उगाही में नरमी का सामना कर रहे हैं। मार्केट इंटेलीजेंस फर्म ट्रैक्सन की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय स्टार्टअपों ने जुलाई-सितंबर में 3 अरब डॉलर की पूंजी जुटाई, जो पूर्ववर्ती तिमाही के मुकाबले 57 प्रतिशत कम है। 
ट्रैक्सन की सह-संस्थापक नेहा सिंह ने कहा, ‘भारत मौजूदा समय में फंडिंग में नरमी दर्ज कर रहा है, जो अगले 12-18 महीनों में बरकरार रहने का अनुमान है। कंपनियां कामकाजी जगह, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और विज्ञापनों आदि पर अपना खर्च घटाने की को​शिश कर रही हैं।’
इसका असर बेंगलूरु में कोरामंगला, इंदिरानगर, एचएसआर लेआउट और एमजी रोड जैसे स्टार्टअप हब में कई पब और रेस्तरांओं की उदासी के तौर पर स्पष्ट देखा जा सकता है। कंपनियों के अ​​धिकारियों का कहना है कि शुरू में संस्थापक अपने कर्मचारियों के लिए बिक्री लक्ष्य पूरा करने या फं​डिंग राउंड पूरा करने जैसी उपलब्ध्यिों पर जश्न मनाने के ​लिए पूरा पब बुक करते थे। वे कर्मचारियों को गोवा जैसी जगहों पर भी घुमाने ले जाते थे। लेकिन अब इस तरह की पहलों में बड़ी कमी आई है। 
पूरे देश की तरह प्रमुख स्टार्टअप हब माने जाने वाले गुरुग्राम में भी समान ​स्थिति है। गुरुग्राम में एक फाइन-आर्ट एवं डेकोर वैल्यूएशन फर्म में काम करने वाली ​शिवानी शर्मा (नाम बदला हुआ) ने कहा कि वर्ष 2018 और 2019 में ग्राहकों के साथ ज्यादातर लंच बार्बेक नेशन, दरयागंज रेस्टोरेंट, या अमारंटा जैसे रेस्तरांओं में आयोजित किए गए थे।
स्टाफ को अक्सर इन भोज कार्यक्रम में बुलाने के लिए उनके घर तक कैब की भी सेवा मुहैया कराई जाती थी। शर्मा ने कहा, ‘अब कोष की किल्लत और मौजूदा कार्य परिवेश में महामारी की वजह से आए बदलावों से हमारी ज्यादातर बैठकें ऑनलाइन के जरिये आयोजित की जाती हैं। ‘ कोष उगाही में नरमी और भारी नुकसान के बीच अनऐकेडमी की मुख्य प्रतिस्पर्धी बैजूस करीब 2,500 कर्मचारियों की छटनी करने की तैयारी कर रही है।

First Published - October 20, 2022 | 9:41 PM IST

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