facebookmetapixel
Advertisement
किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी: पीएम मोदी ने जारी की PM-Kisan की 23वीं किस्त, ऐसे चेक करें स्टेटसकेंद्र सरकार ने 16 FDC दवाओं पर लगाया परमानेंट बैन, कई स्किन क्रीम और एंटीबायोटिक भी लिस्ट मेंसावधान! ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड का हुए शिकार तो तुरंत करें ये काम, वरना डूब जाएगा पूरा पैसा; जानें RBI के नियमDividend Stocks: टाटा पावर और LIC समेत ये 31 कंपनियां अगले हफ्ते बांटेंगी मुनाफा, देखें पूरी लिस्टट्रंप ने की पीएम मोदी की जमकर तारीफ, बोले: 150 करोड़ लोगों का यह नेता है असली ‘टफ कुकी’NEET UG 2026: नागपुर के छात्र को मिला अबू धाबी का परीक्षा केंद्र, NTA की लापरवाही से परिवार परेशानBonus Stocks Alert: अगले हफ्ते इन 2 कंपनियों के निवेशकों की चमकेगी किस्मत, मिलेंगे मुफ्त में शेयरOMC को भारी चपत: तेल कंपनियों को लगा ₹22,000 करोड़ का बड़ा झटका, बाजार से कम दाम पर बेची रसोई गैसCrude Oil Import: पश्चिम एशिया संकट की भारी चपत, बराबर तेल खरीदने के बाद भी 81.5% बढ़ा भारत का खर्चRBI Regulatory Action: विदेश से जुटाई उधारी की रोज देनी होगी जानकारी, RBI ने बैंकों को दिया कड़ा निर्देश

मारन से 450 करोड़ रुपये लेगी SpiceJet

Advertisement

बुधवार को SpiceJet ने अपने बयान में कहा कि उसने मारन की कंपनी कल एयरवेज को 730 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।

Last Updated- May 22, 2024 | 11:23 PM IST
SpiceJet

विमानन कंपनी स्पाइसजेट अपने पूर्व प्रवर्तक कलानिधि मारन से 450 करोड़ रुपये वापस मांगेगी। दिल्ली उच्च न्यायालय के पिछले सप्ताह लंबे शेयर हस्तांतरण विवाद में विमानन कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाने के बाद कंपनी यह कदम उठाएगी।

बुधवार को विमानन कंपनी ने अपने बयान में कहा कि उसने मारन की कंपनी कल एयरवेज को 730 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। जिसमें 580 करोड़ रुपये मूलधन और 150 करोड़ रुपये ब्याज के तौर पर दिए गए थे। यह रकम साल 2018 में एक मध्यस्थता अधिकरण के आदेश पर दी गई थी, जिसे एकल न्यायाधीश के खंडपीठ ने साल 2023 में बरकरार रखा था।

हालांकि दिल्ली उच्च न्यायालय के खंडपीठ ने 17 मई को उस आदेश को रद्द कर दिया। इसके बाद विमानन कंपनी के लिए 450 करोड़ रुपये वापस लेने का रास्ता साफ हो गया।

यह मामला साल 2015 का है, जब नकदी किल्लत से जूझ रही स्पाइसजेट से मारन अपनी 58.46 फीसदी हिस्सेदारी विमानन कंपनी के मौजूदा प्रवर्तक अजय सिंह को 2 रुपये के सांकेतिक मूल्य पर हस्तांतरित कर बाहर निकल गए थे। बाद में मारन ने कुछ शेयर वारंट जारी न करने पर समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए 1,300 करोड़ रुपये का दावा किया।

पिछली कई तिमाहियों से नकदी संकट से जूझ रही विमानन कंपनी को 450 करोड़ रुपये वापस मिलने से राहत मिलेगी। कंपनी विमानों के पट्टेदारों, इंजन पट्टेदारों, ऋणदाताओं और मारन के बकाया भुगतान पर कानूनी लड़ाइयों का सामना कर रही है।

कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘स्पाइसजेट दिल्ली उच्च न्यायालय के 17 मई के फैसले के बाद कंपनी के पूर्व प्रवर्तक कलानिधि मारन और उनकी कंपनी कल एयरवेज को भुगतान किए गए कुल 730 करोड़ रुपये में से 450 करोड़ रुपये वापस मांगेगी।’

विमानन परामर्श फर्म कापा इंडिया ने दिसंबर में कहा था कि नई रकम जुटाने के बाद स्पाइसजेट का पुनरुत्थान भारतीय विमानन बाजार में हलचल मचा सकता है क्योंकि विमानन कंपनी प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए अपने खड़े विमानों को वापस उड़ानों में लगाएगी और अधिक विमानों को पट्टे पर भी लेगी।

विमानन विश्लेषकों को उम्मीद है कि 2,241 करोड़ रुपये जुटाने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी के बाद विमानन कंपनी के लिए संभावनाएं बेहतर हो जाएंगी। इसने तरजीही इक्विटी शेयर के जरिये दो चरण में करीब 1,060 करोड़ रुपये जुटाए हैं।

Advertisement
First Published - May 22, 2024 | 10:52 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement