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छोटे मझोले उद्योगों को मिलेगा आसान कर्ज

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Last Updated- December 12, 2022 | 5:18 AM IST

भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) ने कोविड महामारी से निपटने में सहयोग के लिए छोटे व मझोले उद्योगों के साथ की स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में काम कर रहे उद्यमों के लिए जल्दी व आसान कर्ज उपलब्ध कराने की योजनाएं शुरू की है। सिडबी ने कोविड के मद्देनजर श्वांस और आरोग नाम से दो नई योजनाओं की शुरुआत की है। इनमें श्वांस जहां कोविड-19 की दूसरी लहर के खिलाफ युद्ध में हेल्थकेयर क्षेत्र में सिडबी की सहायता से संबंधित है वहीं आरोग को महामारी के दौरान एमएसएमई इकाइयों की रिकवरी और नए कामों की शुरुआत के लिए के तुरंत कर्ज की सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
सिडबी अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के मुताबिक यह योजना ऑक्सीजन सिलिंडर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, ऑक्सीमीटर और आवश्यक दवाओं की आपूर्ति से संबंधित उत्पादन को बढ़ाने और सेवाओं उपलब्ध कराने की सुविधा के लिए है। उन्होंने बताया कि सिडबी की इन नई योजनाओं से एमएसएमई इकाइयों को अपनी क्षमता व सुविधा के विस्तार में मदद मिलेगी। इन योजनाओं में सभी दस्तावेजों व सूचनाओं के प्राप्त होने के 48 घंटे के भीतर 4.50 फीसदी से 6 फीसदी सालाना ब्याज दर पर एमएसएमई इकाइयों को 2 करोड़ रुपये की राशि तक 100 फीसदी वित्त पोषण किया जाएगा। इससे पहले बीते साल 25 मार्च को सिडबी  ने कोरोना वायरस के खिलाफ सेफ नामक योजना की भी शुरुआत की थी। यह योजना उन सभी एमएसएमई इकाइयों के लिए थी, जो हैंड सैनिटाइटर, मास्क, बॉडी सूट, वेंटिलेटर, टेस्टिंग लैब, आदि का निर्माण कर रहे हों।

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First Published - April 30, 2021 | 11:44 PM IST

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