facebookmetapixel
मोतीलाल ओसवाल MF का नया फ्लेक्सी कैप पैसिव FoF, शुरुआती निवेश 500 रुपये; कहां-कैसे लगेगा आपका पैसाHDFC बैंक में दो दिन में 4.5% गिरावट, निवेशकों के लिए चेतावनी या मौका? जानें क्या कह रहे एक्सपर्ट₹90 से ₹103 तक? Modern Diagnostic IPO की लिस्टिंग को लेकर ग्रे मार्केट में दिखा बड़ा संकेतCCI रिपोर्ट में खुुलासा: TATA-JSW-SAIL समेत 28 कंपनियों ने स्टील की कीमतें तय करने में सांठगांठ की2026 का IPO कैलेंडर: Jio से Coca-Cola तक, 9 बड़े नाम बाजार में एंट्री को तैयारSBI की उड़ान जारी: मार्केट कैप ₹10 लाख करोड़ के करीब, ब्रोकरेज ने कहा- ₹1,120 तक जा सकता है भाववेनेजुएला को तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए 2040 तक 183 अरब डॉलर निवेश की जरूरतBudget 2026: चावल निर्यातकों ने बजट में कर, ब्याज और ढुलाई में राहत की मांग कीरूसी तेल की अफवाहों पर Reliance का पलटवार, कहा- खबरें ‘पूरी तरह से झूठी हैं’LIC Scheme: 10वीं पास महिलाओं के लिए खास स्कीम, हर महीने ₹7,000 तक की कमाई का मौका

प्रस्ताव के हक में इंडिगो के शेयरधारक

Last Updated- December 11, 2022 | 10:31 PM IST

इंटरग्लोब एविएशन के शेयरधारकोंं ने आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के उस उपबंध को समाप्त करने की मंजूरी दे दी है, जो एयरलाइंस के दो प्रवर्तकों को एक दूसरे की हिस्सेदारी के अधिग्रहण पर पहले इनकार का अधिकार देता है।
इंटरग्लोब एविएशन देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो का परिचालन करती है और इसके प्रवर्तक राहुल भाटिया व राकेश गंगवाल हैं। उन दोनोंं के पास विमानन कंपनी की कुल 74.4 फीसदी हिस्सेदारी है।
इस उपबंध की समाप्ति से अब एक या दोनों पक्षकार किसी तीसरे पक्षकार को एक दूसरे की इजाजत लिए बिना शेयरों का हस्तांतरण या बिक्री कर पाएंगे। विमानन कंपनी के 99.9 फीसदी शेयरधारकों ने गुरुवार को आयोजित कंपनी की असाधारण आम बैठक में इस उपबंध को समाप्त करने के पक्ष में मतदान किया। इसे प्रवर्तकों व संस्थागत शेयरधारकों के 100 फीसदी मत मिले, वहींं आम शेयरधारकों से कुछ नकारात्मक मत मिले।
ईजीएम का आह्वान प्रवर्तकों के संयुक्त प्रस्ताव के जरिए हुआ, जो पहले विमानन कंपनी के कॉरपोरेट गवर्र्नेंस पर आपस मेंं संघर्ष कर चुके हैं।
लंदन के इंटरनैशनल आर्बिट्रेशन के सितंबर के आदेश के बाद ईजीएम बुलाई गई, जिसने आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में संशोधन का निर्देश दिया था ताकि पहले इनकार का अधिकार उपबंध समाप्त किया जा सके। लंदन की अदालत ने दोनों पक्षकारोंं को इस आदेश की तामील के लिए 90 दिन का समय दिया था।
अक्टूबर में गंगवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया था और ईजीएम बुलाने का आदेश देने की मांग की थी। इस याचिका को हालांकि अदालत ने खारिज कर दिया था।
ओमीक्रोन से राजस्व के पूर्वानुमान पर अनिश्चितता : इंडिगो
इंडिगो के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) रोनोजॉय दत्ता ने कहा कि तेजी से फैल रहे कोविड-19 के ओमीक्रोन स्वरूप ने राजस्व के हमारे पूर्वानुमान पर अनिश्चितता पैदा कर दी है।
दत्ता ने गुरुवार को कंपनी की असाधारण आम बैठक (ईजीएम) में शेयरधारकों के सवालों का जवाब देते हुए कहा ‘नवंबर और दिसंबर के दौरान घरेलू यातायात ने जोरदार वापसी की है। ओमीक्रोन से भविष्य की बुकिंग में कुछ नरमी आई है, लेकिन ये अब भी सितंबर के स्तर से अधिक बनी हुई हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्षमता सीमित है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए बबल फ्लाइट अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं।’
दत्ता ने महामारी की शुरुआत के बाद से इंडिगो द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों के बारे में बताया और कहा कि विमान कंपनी मार्च 2020 की तुलना में अब संरचनात्मक रूप से ज्यादा मजबूत है। उन्होंने कहा कि विमान कंपनी सुधार की राह पर चल रही है, बशर्ते कोई तीसरी लहर न हो।
इंडिगो के मुख्य कार्याधिकारी ने कहा कि विमान कंपनी अशांत दौर से गुजरी है, उसे काफी नुकसान हुआ है और अपने बही-खाते को सहारा देने के लिए कर्ज लिया है। उन्होंने कहा ‘बही-खाता दुरुस्त करना एक जरूरी काम है।’
उन्होंने कहा कि दो वर्षों के दौरान घरेलू नेटवर्क के निर्माण, प्रति वर्ष 45 की दर से अक्षम विमानों को लौटाने और उन्हें कार्य कुशल एयरबस ए 320 नियो विमानों से तब्दील करने, ग्राहक सेवा के स्तर में सुधार तथा अपने चार्टर और कार्गो कारोबार के निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया गया है। पिछले दो वर्षों में राजस्व सृजन के निम्न स्तर के बावजूद हम विश्वास के साथ यह बात कह सकते हैं कि हम एक विमान कंपनी के रूप में संरचनात्मक रूप से अधिक मजबूती के साथ कोविड-19 संकट से उबर रहे हैं।

First Published - December 30, 2021 | 11:21 PM IST

संबंधित पोस्ट