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वेदांत ग्रुप पर वाइसरॉय रिसर्च का गंभीर आरोप: वित्तीय हेरफेर, दिवालियापन की चेतावनी, कंपनी ने आरोपों को बताया निराधार

भारतीय इकाई से धन निकासी, मुनाफे में हेरफेर और अस्थिर नीतियों के जरिए कर्जदाताओं को जोखिम में डालने का आरोप

Last Updated- July 09, 2025 | 3:09 PM IST
Vedanta
फाइल फोटो

यूके स्थित वेदांत रिसोर्सेज लिमिटेड (VRL) के खिलाफ शॉर्ट-सेलर वाइसरॉय रिसर्च ने बुधवार को एक विस्फोटक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में कंपनी की वित्तीय स्थिति, कर्ज रणनीति और कॉरपोरेट गवर्नेंस को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। वाइसरॉय ने कहा है कि उसने वेदांत रिसोर्सेज के कर्ज को शॉर्ट किया है और समूह की पूरी संरचना को “वित्तीय रूप से अस्थिर और संचालन में कमजोर” बताया है।

“वेदांत की कर्ज रणनीति एक पोंजी स्कीम”: वाइसरॉय रिसर्च

रिपोर्ट में वाइसरॉय रिसर्च ने आरोप लगाया कि वेदांता रिसोर्सेज अपनी भारतीय सहायक कंपनी वेदांत लिमिटेड (VEDL) से लगातार धन निकाल रही है ताकि वह अपने बढ़ते कर्ज का भुगतान कर सके। इसके चलते VEDL को अधिक कर्ज लेना पड़ रहा है और उसकी नकदी भंडार भी तेजी से खत्म हो रही है। वाइसरॉय ने इसे “पोंजी स्कीम” से तुलना करते हुए कहा कि कंपनी की रणनीति से दीर्घकालिक लेनदारों को भारी नुकसान हो सकता है।

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 ‘दुर्भावनापूर्ण और भ्रामक’ है वाइसरॉय रिसर्च रिपोर्ट : वेदांत ग्रुप 

वेदांत समूह के प्रवक्ता ने रिपोर्ट को “चुनिंदा और भ्रामक जानकारी का दुर्भावनापूर्ण मिश्रण” बताया और कहा कि यह कंपनी को बदनाम करने की साजिश है। उन्होंने यह भी कहा कि रिपोर्ट जारी करने से पहले उनसे किसी तरह का संपर्क नहीं किया गया, और यह केवल “झूठा प्रचार फैलाने” के उद्देश्य से तैयार की गई है।

कंपनी ने आरोप लगाया कि रिपोर्ट में केवल पहले से सार्वजनिक जानकारी को इस तरह पेश किया गया है जिससे बाजार में डर पैदा किया जा सके। वेदांता ने कहा, “इसका उद्देश्य हमारी आगामी कॉर्पोरेट पहलों को पटरी से उतारना है, लेकिन हमारे हितधारक इतनी समझ रखते हैं कि वे ऐसे हथकंडों को पहचान सकें।”

क्या है वाइसरॉय रिसर्च रिपोर्ट में-

87 पन्नों की रिपोर्ट में वाइसरॉय ने दावा किया कि VEDL ने पिछले तीन वर्षों में $5.6 अरब का नकद प्रवाह घाटा झेला है, जबकि भारी मात्रा में लाभांश बांटा गया। इसके अलावा FY22 से अब तक कंपनी का नेट कर्ज 200% यानी $6.7 अरब तक बढ़ गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि VEDL अपनी उधारी की सीमा तक पहुंच चुकी है और उसके नकदी भंडार भी लगभग खत्म हो चुके हैं।

वेदांत स्टॉक 8 फीसदी टूटा

वायसराय रिसर्च की रिपोर्ट के बाद वेंदात लिमिटेड के स्टॉक में तगड़ी गिरावट देखने को मिली। BSE पर बुधवार के कारोबारी सेशन में वेदांत का का शेयर 8 फीसदी तक टूट गया। इंट्राडे में स्टॉक ने 461.15 रुपये का हाई और 421 रुपये का लो बनाया। इससे पहले, मंगलवार को शेयर 456.20 रुपये पर बंद हुआ था। बुधवार को शेयर में 1 फीसदी की तेजी के साथ 461 रुपये पर कारोबार शुरू हुआ।

BSE पर स्टॉक का 52 हफ्ते का हाई 527 और लो 362 रुपये प्रति शेयर रहा। कंपनी का मार्केट कैप 1.72 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा। स्टॉक की लॉन्ग टर्म परफॉर्मेंस देखें तो इस साल अबतक सपाट रिटर्न रहा है। जबकि बीते एक साल में शेयर ने 6 फीसदी का निगेटिव रिटर्न दिया है। जबकि, दो साल में शेयर 56 फीसदी और 3 साल में 96 फीसदी और 5 साल में 290 फीसदी का तगड़ा रिटर्न दिया है।

वाइसरॉय की रिपोर्ट के बाद वेदांता लिमिटेड के शेयरों में बुधवार को बीएसई पर 8% तक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, उसकी सहायक कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के शेयरों में भी 2.8% की गिरावट देखी गई

First Published - July 9, 2025 | 3:09 PM IST

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