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Sebi Fine: सेबी ने अनिल अंबानी के बेटे अनमोल अंबानी पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया

सेबी ने रिलायंस हाउसिंग फाइनेंस के चीफ रिस्क ऑफिसर कृष्णन गोपालकृष्णन पर 15 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

Last Updated- September 23, 2024 | 8:18 PM IST
Anmol Ambani fined in Reliance Home Finance case रिलायंस होम फाइनैंस मामले में अनमोल अंबानी पर जुर्माना

शेयर बाजार नियामक सेबी ने सोमवार को उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे अनमोल अंबानी पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना रिलायंस होम फाइनेंस मामले में सामान्य कॉरपोरेट लोन (GPCL) को मंजूरी देते समय उचित सतर्कता न बरतने के कारण लगाया गया है। इसके अलावा, सेबी ने रिलायंस हाउसिंग फाइनेंस के चीफ रिस्क ऑफिसर कृष्णन गोपालकृष्णन पर 15 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सेबी ने अपने आदेश में कहा कि दोनों को 45 दिनों के भीतर यह राशि चुकानी होगी।

यह आदेश अगस्त में सेबी द्वारा अनिल अंबानी और 24 अन्य लोगों को रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड के फंड डायवर्जन (धन की हेराफेरी) के मामले में पांच साल के लिए शेयर बाजार से प्रतिबंधित करने के बाद आया है। साथ ही अनिल अंबानी पर 25 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।

सोमवार के आदेश में सेबी ने कहा कि अनमोल अंबानी (जो रिलायंस होम फाइनेंस के बोर्ड में थे) ने सामान्य कॉरपोरेट लोन (GPCL) को मंजूरी दी थी, जबकि 11 फरवरी 2019 को कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ऐसे किसी भी लोन को मंजूरी न देने का स्पष्ट निर्देश दिया था। इसके बावजूद, अनमोल अंबानी ने 14 फरवरी 2019 को 20 करोड़ रुपये के लोन को मंजूरी दी थी।

सेबी ने कहा कि अनमोल अंबानी, जो कंपनी के गैर-कार्यकारी निदेशक थे, ने अपने अधिकारों से बाहर जाकर कंपनी के हितों के खिलाफ काम किया। उन्होंने शेयरधारकों के हित में काम नहीं किया और न ही सावधानी और सतर्कता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन किया।

सेबी ने यह भी बताया कि अनमोल अंबानी ने रिलायंस कैपिटल और रिलायंस होम फाइनेंस के बोर्ड में रहते हुए उचित सतर्कता का पालन नहीं किया। GPCL लोन के मामले में उन्होंने अन्य रिलायंस ADAG समूह की कंपनियों को फंड भेजने के मामले में भी उचित जांच नहीं की।

कृष्णन गोपालकृष्णन ने भी कई GPCL लोन को मंजूरी दी और उन लोन के क्रेडिट अप्रूवल मेमो में दर्ज महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में जानते थे। रिलायंस हाउसिंग फाइनेंस के चीफ रिस्क ऑफिसर के रूप में उन्हें अपनी जिम्मेदारियों के तहत सही प्रक्रिया का पालन करना चाहिए था और कंपनी के सभी हितधारकों के हित में काम करना चाहिए था।

दोनों अनमोल अंबानी और गोपालकृष्णन ने सेबी के लिस्टिंग ओब्लिगेशन एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट (LODR) नियमों का उल्लंघन किया है। (PTI के इनपुट के साथ)

First Published - September 23, 2024 | 8:18 PM IST

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