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ओ2सी कारोबार अलग करने पर सेबी की मुहर

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Last Updated- December 12, 2022 | 7:56 AM IST

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने मुकेश अंबानी नियंत्रित रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) को तेल एवं रसायन कारोबार (ओ2सी) अलग करने की इजाजत दे दी है। कंपनी ने ओ2सी कारोबार को सहायक इकाई के रूप में अलग करने का प्रस्ताव रखा था। रिलायंस ने बताया कि सेबी और स्टॉक एक्सचेंजों से इसकी अनुमति मिल गई है।
अब कंपनी को शेयरधारकों और ऋणदाताओं, नियामकीय प्राधिकरणों, आयकर विभाग तथा राष्ट्रीय कंपनी विधि पंचाट (एनसीएलटी) के मुंबई एवं अहमदाबाद पीठ से हरी झंडी लेनी होगी। आरआईएल ने बताया कि मंजूरी की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है और अगले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही तक काम पूरा हो जाने की उम्मीद है।
कंपनी ने आज निवेशकों को बताया कि यह सहायक इकाई बनने से रणनीति साझेदारी के जरिये मूल्य सृजन होगा और निवेशकों की पूंजी प्राप्त होगी। कंपनी ने निवेशकों को सऊदी अरब की कंपनी अरामको को हिस्सेदारी बेचने के लिए चल रही बातचीत के बारे में भी बताया। आरआईएल और अरामको के बीच सौदा हो गया तो यह भारत में पेट्रोलियम मार्केटिंग कारोबार क्षेत्र के सबसे बड़े सौदों में शुमार होगा।    

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First Published - February 23, 2021 | 11:11 PM IST

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