facebookmetapixel
Advertisement
Bharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमण

भारत में सैटेलाइट ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम 5 साल के लिए आवंटित करने की योजना, स्टारलिंक को झटका

Advertisement

स्टारलिंक ने 20 साल के लिए सैटेलाइट स्पेक्ट्रम ब्रॉडबैंड लाइसेंस मांगा है।

Last Updated- March 13, 2025 | 10:31 PM IST
Satellite Broadband

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि भारत के दूरसंचार नियामक ने बाजार में शुरुआती इस्तेमाल का आकलन करने के लिए सैटेलाइट ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम को लगभग पांच वर्षों के लिए आवंटित करने की सिफारिश करने की योजना बनाई है, जो एलन मस्क के स्टारलिंक के विपरीत है। स्टारलिंक ने 20 साल के लिए सैटेलाइट स्पेक्ट्रम ब्रॉडबैंड लाइसेंस मांगा है।

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) मौजूदा समय में केंद्र सरकार को प्रमुख सिफारिशें देने का काम कर रहा है, जिसमें सैटेलाइट स्पेक्ट्रम की समय-सीमा और मूल्य निर्धारण भी शामिल है। इसे प्रशासनिक रूप से आवंटित किया जाएगा। मस्क और भारतीय अरबपति मुकेश अंबानी ने इस सप्ताह भागीदारी की है जिसके तहत अंबानी के रिलायंस स्टोरों में स्टारलिंक डिवाइस को बेचा जा सकेगा।

स्टारलिंक ने नई दिल्ली पर ‘सस्ती कीमत और दीर्घावधि व्यापार योजनाओं’ पर ध्यान केंद्रित करने के लिए 20 साल के लिए स्पेक्ट्रम आवंटित करने का दबाव डाला है, जबकि रिलायंस ने इसे तीन साल के लिए मांगा है, जिसके बाद वह चाहता है कि भारत बाजार का पुनर्मूल्यांकन करे।

भारती एयरटेल ने भी लाइसेंस के लिए 3-5 साल की अवधि पर जोर दिया है। अंबानी की रिलायंस की तरह एयरटेल और मस्क ने भी स्टारलिंक के लिए वितरण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। नाम न बताने की शर्त पर एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि ट्राई लाइसेंस की कम समय-सीमा की मांग पर सहमत होने की योजना बना रहा है, जो ‘लगभग 5 वर्ष होगी और फिर तय किया जाएगा कि यह क्षेत्र किस प्रकार आगे बढ़ता है।’

 

Advertisement
First Published - March 13, 2025 | 10:31 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement