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ग्रीन हाइड्रोजन को इनविट के तहत लाएगी रिलायंस!

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Last Updated- January 17, 2023 | 11:26 PM IST
reliance

देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) अपने ग्रीन हाइड्रोजन कारोबार को अलग कर इनविट ढांचे में बदल सकती है और इसका मूल्यांकन करीब 8 अरब डॉलर हो सकता है। वैश्विक वित्तीय सेवा फर्म जेफरीज ने यह जानकारी दी।

साल 2030 तक रिलायंस के इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण कारोबार का बाजार यूरोपीय संघ और भारत में ग्रीन हाइड्रोजन क्षेत्र में 74 अरब डॉलर का हो सकता है।

जेफरीज ने अपने ग्राहकों के नोट में कहा है, ‘आरआईएल अपनी रिफाइनरियों में ग्रे हाइड्रोजन को ग्रीन हाइड्रोजन में बदलेगी। वह अपने कैप्टिव ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन को इनविट में बदल कर कमाई कर सकती है और इसमें निवेशकों को आकर्षित कर सकती है।’

इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनविट) म्युचुअल फंड की तरह ही सामूहिक निवेश योजना होती है, जिसके जरिये बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में व्यक्तिगत निवेशक और संस्थागत निवेशक सीधे तौर पर निवेश कर सकते हैं और उक्त इकाइयों को होने वाले लाभ का एक हिस्सा लाभांश के तौर पर प्राप्त कर सकते हैं।

इस बारे में जानकारी के लिए रिलायंस के अधिकारियों से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि इस तरह के सौदे पर आगे बढ़ना अभी जल्दबाजी होगी और इसके लिए विनिर्माण संयंत्र शुरू होने का इंतजार करना सही होगा क्योंकि इससे ग्रीन हाइड्रोजन परियोजना का मूल्यांकन भी बेहतर हो सकता है।

जेफरीज ने कहा कि उसने आरआईएल के इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण कारोबार का मूल्यांकन यूरोपीय बेंचमार्क से 20 फीसदी कम किया था तथा इसमें उसकी कैप्टिव हाइड्रोजन खपत के मूल्य को जोड़ा गया है। उसने कहा कि भविष्य में सरकार से किसी तरह की पूंजीगत सब्सिडी मिलने से आरआईएल के ग्रीन हाइड्रोजन का मूल्यांकन और बढ़ेगा।

पिछले साल आरआईएल ने स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं पर 76 अरब डॉलर निवेश करने की योजना बताई थी। इनमें से 5 लाख करोड़ रुपये का उपयोग अगले 5 साल में 100 गीगावाट की अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं तथा ग्रीन हाइड्रोजन नेटवर्क विकसित करने में किया जाएगा। इसके अलावा कंपनी की योजना गुजरात के जामनगर में सोलर मॉड्यूल, हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइजर, फ्यूल सेल और बैटरी स्टोरेज क्षमता विकसित करने के लिए 60,000 करोड़ रुपये का निवेश और करने की है।

यह पहला मौका नहीं है जब रिलायंस अपने किसी कारोबार की कीमत आंकने के लिए इनविट का सहारा ले रही है। इससे पहले 2019 में आरआईएल समूह की एक कंपनी ने अपने गैस पाइपलाइन कारोबार को 13,000 करोड़ रुपये के मूल्यांकन पर अलग किया था और उसमें कनाडा की वित्तीय सेवा फर्म ब्रुकफील्ड को बतौर निवेशक शामिल किया था।

इसके एक साल बाद अक्टूबर, 2020 में रिलायंस ने अपने फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क का इनविट के जरिये मुद्रीकरण किया था। डिजिटल फाइबर इन्फ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के जरिये निवेशकों से करीब 14,700 करोड़ रुपये तथा कर्ज से 25,000 करोड़ रुपये जुटाए गए थे।

इस धन का उपयोग फाइबर ऑप्टिक फर्म के कर्ज को चुकता करने में किया गया था। इसी तरह के ढांचे के तहत कंपनी ने अपने 17,000 से अधिक दूरसंचार टावरों को करीब 25,000 करोड़ रुपये में ब्रुकफील्ड को बेचा था।

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First Published - January 17, 2023 | 11:12 PM IST

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