facebookmetapixel
IT शेयरों में कोहराम: AI के बढ़ते प्रभाव से हिला निवेशकों का भरोसा, एक हफ्ते में डूबे ₹6.4 लाख करोड़NBFCs के लिए RBI की बड़ी राहत: ₹1000 करोड़ से कम संपत्ति वाली कंपनियों को पंजीकरण से मिलेगी छूटRBI Monetary Policy: रीपो रेट 5.25% पर बरकरार, नई GDP सीरीज आने तक ‘तटस्थ’ रहेगा रुखट्रंप ने फिर किया दावा: मैंने रुकवाया भारत-पाकिस्तान के बीच ‘परमाणु युद्ध’, एक दिन में दो बार दोहरायाइस्लामाबाद में बड़ा आत्मघाती हमला: नमाज के दौरान शिया मस्जिद में विस्फोट, 31 की मौतखरगे का तीखा हमला: पीएम के 97 मिनट के भाषण में कोई तथ्य नहीं, सवालों से भाग रही है सरकारलोक सभा में गतिरोध बरकरार: चीन का मुद्दा व सांसदों के निलंबन पर अड़ा विपक्ष, बजट चर्चा में भी बाधाडिजिटल धोखाधड़ी पर RBI का ऐतिहासिक फैसला: अब पीड़ितों को मिलेगा ₹25,000 तक का मुआवजाPariksha Pe Charcha 2026: PM मोदी ने छात्रों को दी सलाह- नंबर नहीं, स्किल व बेहतर जीवन पर दें ध्याननागालैंड में क्षेत्रीय प्राधिकरण के गठन को मिली त्रिपक्षीय मंजूरी, PM मोदी ने बताया ‘ऐतिहासिक’

रिलायंस रिटेल का मूल्यांकन $143 अरब, शेयर का टारगेट प्राइस 1,695 रुपये

जेपी मॉर्गन ने कहा कि आने वाले वर्षों में आरआईएल की उपभोक्ता व्यवसाय समूह की आय वृद्धि में लगभग पूरी तरह योगदान देगा

Last Updated- October 03, 2025 | 12:13 PM IST
Reliance

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के चेयरमैन मुकेश अंबानी द्वारा आरआईएल की दूरसंचार इकाई जियो की बाजार में सूचीबद्धता की घोषणा के एक महीने बाद वैश्विक बैंक जेपी मॉर्गन ने अपने हालिया विश्लेषण में पूरे रिलायंस रिटेल का मूल्यांकन 143 अरब डॉलर और रिलायंस जियो इन्फोकॉम का 135 अरब डॉलर आंका है।

जेपी मॉर्गन ने कहा कि आने वाले वर्षों में आरआईएल की उपभोक्ता व्यवसाय समूह की आय वृद्धि में लगभग पूरी तरह योगदान देगा। रिलायंस रिटेल के दिसंबर के राजस्व को हाल ही में जीएसटी में की गई कटौती से मदद मिल सकती है। कंपनी ने कहा कि कंपनी का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) आने से पहले जियो के टैरिफ में बढ़ोतरी हो सकती है।

जेपी मॉर्गन के विश्लेषकों ने 30 सितंबर की एक रिपोर्ट में लिखा, ‘रिलायंस रिटेल और दूरसंचार अब 2024-25 (वित्त वर्ष 25) के कुल समेकित एबिटा का 54 फीसदी हिस्सा हैं। हमारे अनुमान के अनुसार अब अगले तीन वर्षों में शुद्ध ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई (एबिटा) वृद्धि में इनका योगदान लगभग पूरा होगा।’

रिलायंस रिटेल लिमिटेड (आरआरएल) में आरआईएल की 83 फीसदी हिस्सेदारी का मूल्य 10.5 लाख करोड़ डॉलर (118 अरब डॉलर यानी प्रति शेयर 776 रुपये) है। जेपी मॉर्गन ने वित्त वर्ष 27 में इस खंड का एबिटा 34,400 करोड़ रुपये आंका है, जिसके वित्त वर्ष 28 में बढ़कर 39,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान लगाया है।

अरने दूरसंचार कारोबार में आरआईएल की 67 फीसदी हिस्सेदारी का मूल्य 8 लाख करोड़ रुपये (90 अरब डॉलर यानी 592 रुपये प्रति शेयर) है, जो वित्त वर्ष 27 और वित्त वर्ष 28 के एबिटा का 13 गुना गुणक है। यह कारोबार वित्त वर्ष 27 में 86,400 करोड़ रुपये का एबिटा दे सकता है, जो एक साल बाद यानी वित्त वर्ष 28 में बढ़कर लगभग 97,600 करोड़ रुपये हो जाएगा। जेपी मॉर्गन को उम्मीद है कि 2026 में जियो की सूचीबद्धता से पहले कंपनी शुल्कों में वृद्धि करेगी। इससे कंपनी के लाभप्रदता को बल मिलेगा।

इसके विपरीत, ब्रोकरेज ने रिलायंस के तेल-से-रसायन (ओटुसी) कारोबार का मूल्य 4.85 लाख करोड़ रुपये यानी 358 रुपये प्रति शेयर आंका है। जेपी मॉर्गन ने रिलायंस पर अपनी ओवरवेट रेटिंग बरकरार रखी है और सितंबर 2026 के लिए 1,695 रुपये का लक्षित मूल्य रखा है।

First Published - October 2, 2025 | 10:11 PM IST

संबंधित पोस्ट