facebookmetapixel
Budget 2026 MSME सेक्टर के लिए गेम चेंजर रहा? जानें इसमें ऐसा क्या है और इसपर एक्सपर्ट क्या सोचते हैंRBI नए नियमों के जरिए कैसे भारतीयों के लिए बैंकिंग को आसान बनाने की कोशिश कैसे कर रहा है?योगी का बैंकरों को निर्देश: किसानों को आसान शर्तों पर दें कर्ज, FPO, MSME जुड़े लोगों का भी करें सहयोगरिजर्व बैंक ने क्यों ​स्थिर रखीं ब्याज दरें, आम लोगों पर क्या असर होगा?Market This Week: यूएस ट्रेड डील से बाजार को मिला सहारा, सेंसेक्स-निफ्टी 1.5% चढ़े; निवेशकों की दौलत ₹7.23 लाख करोड़ बढ़ीलिस्टेड कंपनियों ने अनलिस्टेड को कॉरपोरेट टैक्स में पछाड़ाचांदी के भाव में ऐतिहासिक गिरावट: 1980 और 2011 जैसे क्रैश की आहट, क्या और गिरेंगे दाम?Budget 2026 में मिडिल क्लास के लिए क्या-क्या था? एक्सपर्ट ने बताया मध्यम वर्ग कहां उठा सकते हैं फायदाRBI पॉलिसी के बाद बैंकिंग सेक्टर पर फोकस, एक्सपर्ट ने कहा- इन चुनिंदा बैंक शेयरों पर रखें नजर₹1.46 लाख का एक शेयर, डिविडेंड सिर्फ 3 रुपये; दिग्गज टायर कंपनी का निवेशकों के लिए ऐलान

खुदरा पर केंद्रित नए रीट्स का आगमन, मॉल निवेश में संस्थागत भागीदारी बढ़ने से होगा रियल एस्टेट का विस्तार

नई रीट्स आने से खुदरा मॉल में संस्थागत निवेश बढ़ाया गया, प्रमुख कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया और देश के रियल एस्टेट क्षेत्र में विकास को मजबूत किया

Last Updated- October 03, 2025 | 10:34 PM IST
Real Estate
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

खुदरा पर केंद्रित कम से कम दो से तीन नए रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (रीट्स) जल्द ही आने की संभावना है। मॉल में अधिक संस्थागत निवेश आने की बदौलत ऐसा होने की संभावना है। रियल एस्टेट परामर्श कंपनी एनारॉक की रिपोर्ट में यह बात कही गई है। यह तब हो रहा है जब देश के खुदरा क्षेत्र में संस्थागत भागीदारों का दबदबा बढ़ रहा है और देश भर में चल रहे 650 मॉल में से 30 से 35 प्रतिशत में अब ऐसा निवेश देखा जा रहा है।

अगले तीन से पांच वर्षों में 4.25 करोड़ वर्ग फुट से अधिक के प्रमुख खुदरा क्षेत्र वाले 45 नए मॉल तैयारी के चरण में हैं। नेक्सस मॉल्स (ब्लैकस्टोन), फीनिक्स मिल्स, डीएलएफ, लेकशोर, रहेजा ग्रुप और पैसिफिक जैसी शीर्ष कंपनियां को इससे मुख्य रूप से लाभ हो सकता है। 

एनारॉक ने कहा कि नए मॉल आने से रीट गतिविधि को और बढ़ावा मिलेगा जो बड़े और बेहतर ब्रांडेड मॉल की दिशा में दमदार कदम का संकेत है। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘आगे चलकर नए मॉल औसतन 10 लाख से 12 लाख वर्ग फुट की जगह लेंगे जबकि 30 से 40 प्रतिशत छोटे मॉल मिश्रित उपयोग वाली परियोजनाओं में तब्दील किए जा सकते हैं।’ 

इसके अलावा, रिपोर्ट में कहा गया है कि केवल ग्रेड ए वाले मॉल में ही 5 से 8 प्रतिशत की सालाना चक्रवृद्धि दर (सीएजीआर) के साथ किराये में सकारात्मक बढ़ोतरी देखी जा रही है जबकि ग्रेड बी और सी वाले मॉल के किराये में स्थिरता या गिरावट देखी जा रही है।

साल 2005 और 2015 के बीच संगठित खुदरा क्षेत्र में तेजी की बदौलत देश भर में 250 से ज्यादा मॉल बनाए गए। हालांकि साल 2015 से 2020 के दौरान इनमें से लगभग 20 से 22 प्रतिशत मॉल या तो बंद कर दिए गए, उनका स्थान बदल दिया गया या फिर उनका अन्य उपयोग किया जाने लगा।

First Published - October 3, 2025 | 10:34 PM IST

संबंधित पोस्ट