facebookmetapixel
Advertisement
Bharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमण

5 साल बाद भी नहीं मिला फ्लैट, बिल्डर को चुकाने होंगे 2.56 करोड़ रुपए: के-रेरा का बड़ा आदेश

Advertisement

बेंगलुरु का मामला, मंट्री वेबसिटी प्रोजेक्ट में हुआ फ्लैट डिले

Last Updated- April 18, 2025 | 5:41 PM IST
Real Estate

बेंगलुरु के एक प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक करने वाले ग्राहक को 5 साल बाद भी उसका घर नहीं मिला। अब कर्नाटक रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (K-RERA) ने इस मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अथॉरिटी ने बिल्डर को ग्राहक को 2.56 करोड़ रुपये लौटाने का आदेश दिया है। शिकायतकर्ता ने अप्रैल 2015 में मंट्री वेबसिटी 2A नामक प्रोजेक्ट में एक फ्लैट बुक किया था। 17 अप्रैल 2015 को बिक्री समझौता (सेल एग्रीमेंट) हुआ, जिसमें कुल रकम 1.46 करोड़ रुपये तय हुई। इस एग्रीमेंट के अनुसार, फ्लैट की डिलिवरी 31 मार्च 2017 तक होनी थी।

ना फ्लैट मिला, ना कोई जानकारी दी गई

समय बीतता गया लेकिन न तो ग्राहक को फ्लैट मिला, न ही डिलिवरी को लेकर कोई ठोस जानकारी दी गई। शिकायतकर्ता ने इस देरी से परेशान होकर K-RERA में शिकायत दर्ज की और अपना पैसा ब्याज सहित वापस मांगा।

K-RERA ने दोनों पक्षों के दस्तावेज़ों की जांच की और पाया कि बिल्डर ने अपने वादे पूरे नहीं किए। अथॉरिटी ने कहा, “बिल्डर ने दिसंबर 2018 तक, जिसमें ग्रेस पीरियड भी शामिल था, फ्लैट देने का वादा किया था। लेकिन समझौते के 60 महीने बाद भी कब्जा नहीं दिया गया है।”

रेरा का फैसला: 60 दिनों में लौटाएं 2.56 करोड़

K-RERA ने अपने आदेश में बिल्डर को निर्देश दिया कि वह ग्राहक को कुल 2,56,47,520 रुपये लौटाए। इसमें 1.46 करोड़ की मूल राशि और 1.27 करोड़ रुपये का ब्याज शामिल है। रेरा ने यह भी कहा कि बिल्डर को यह रकम नोटिस की तारीख से 60 दिनों के भीतर चुकानी होगी। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो ग्राहक रेरा एक्ट की धारा 40 के तहत वसूली की कार्रवाई शुरू कर सकता है। इसमें जिले के डिप्टी कमिश्नर के जरिए जमीन के बकाया राजस्व की तरह पैसे की वसूली की जा सकती है।

Advertisement
First Published - April 18, 2025 | 5:37 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement