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चल रहे Cola wars से Rasna को होगा फायदा, 30-40 प्रतिशत बढ़ोतरी का टारगेट: चेयरमेन पिरुज खंबाटा

रसना के चेयरमैन पिरुज खंबाटा ने बताया कि कंपनी ने बिहार के पटना में 40-50 करोड़ रुपये का निवेश करके एक नई फैक्ट्री शुरू की है।

Last Updated- March 21, 2025 | 8:10 PM IST
Piruz Khambatta, chairman of Rasna International

पाउडर ड्रिंक बनाने वाली कंपनी रसना इंटरनेशनल का अगले साल (FY26) में 30-40 प्रतिशत की बढ़ोतरी का लक्ष्य है। कंपनी गर्मी के मौसम के शुरू होने और बड़े बाजार का फायदा उठाने की योजना बना रही है। इसके अलावा, रसना जल्द ही भारतीय बाजार के लिए एक लो-कैलोरी रेडी-टू-ड्रिंक ड्रिंक लॉन्च करने की तैयारी कर रही है।

नई फैक्ट्री और विस्तार

रसना के चेयरमैन पिरुज खंबाटा ने बताया कि कंपनी ने बिहार के पटना में 40-50 करोड़ रुपये का निवेश करके एक नई फैक्ट्री शुरू की है। इस फैक्ट्री से 2 मिलियन केस उत्पादित होंगे। इसके साथ ही, कंपनी विदेशों में भी विस्तार की योजना बना रही है।

नई रेडी-टू-ड्रिंक ड्रिंक

रसना एक नया रेडी-टू-ड्रिंक प्रोडक्ट लॉन्च करने जा रही है, जो सेहत के लिए फायदेमंद होगा। इस ड्रिंक से कंपनी को सिर्फ गर्मी के मौसम में नहीं, बल्कि पूरे साल बिक्री बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह रसना का पहला गैर-पाउडर ड्रिंक होगा और हेल्थ ड्रिंक्स के बढ़ते बाजार में कंपनी का कदम होगा। इससे कंपनी को फ्रूट ड्रिंक बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी।

कोला युद्ध का फायदा

खाम्बट्टा ने कहा कि चल रहे कोला युद्ध से रसना को फायदा होगा क्योंकि इससे लोग शुगर-फ्री और कोला के बजाय हेल्थी ड्रिंक्स की तरफ आकर्षित होंगे। रसना के शुगर-फ्री पाउडर ड्रिंक्स का आधा हिस्सा विदेशों में भेजा जाता है। रसना का उद्देश्य वैश्विक फ्रूट कंसेंट्रेट बाजार में हिस्सा लेना है, जो तेजी से बढ़ रहा है। भारत में भी फल ड्रिंक का बाजार बढ़ने की उम्मीद है, जिससे रसना को फायदा होगा।

क्विक कॉमर्स और ई-कॉमर्स में रसना की बिक्री तेजी से बढ़ रही है, और कंपनी को उम्मीद है कि यह बिक्री अगले कुछ सालों में दोगुनी हो जाएगी।

रसना ने अपनी पाउडर-आधारित मैंगो ड्रिंक का नया वेरिएंट “रसना रिच” लॉन्च किया है, जो विटामिन से भरपूर है। इसकी डिमांड काफी बढ़ रही है, और गर्मी के मौसम में इसकी बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है।

दिवालियापन मामले पर खाम्बट्टा का बयान

रसना के खिलाफ दिवालियापन का मामला एनसीएलटी (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) में चल रहा है। खाम्बट्टा ने कहा कि कंपनी इस मामले को चुनौती देगी और इसे एक उदाहरण बनाएगी ताकि छोटे व्यापारिक मामलों को दिवालियापन अदालत में न लाया जाए।

First Published - March 21, 2025 | 8:05 PM IST

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